कच्ची उम्र के प्यार का भयानक अंजाम, इंस्टाग्राम पर हुआ इश्क और भाग गईं 2 लड़कियां, अब इस हालत में मिलीं
नई दिल्ली. दिल्ली से नाबालिग लड़कियों के गायब होने का मामला रुकने का नाम नहीं ले रहा है. हर दिन दिल्ली में सैंकड़ों मामले लड़कियों के भागने, गायब होने और अपहरण के दर्ज हो रहे हैं. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) इसी के लिए बनाई गई है. लेकिन हाल के दिनों में नाबालिग लड़कियों की करतूतों से दिल्ली पुलिस के अधिकारी भी हैरान हैं. दिल्ली में हजारों ऐसे केस हैं, जिनमें नाबालिग लड़कियां, खासकर स्कूली छात्राएं सोशल मीडिया के प्रभाव में आकर घर छोड़कर अपने प्रेमियों के साथ रहने लगती हैं. दिल्ली पुलिस ने सोमवार को राजधानी के दो अलग-अलग हिस्सों से अगवा या लापता हुई दो नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित बरामद कर एक बड़ी सफलता हासिल की है. लेकिन, इन दोनों लड़कियों के कारनामे सुनकर सब हैरान हैं.
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एंटी ह्यूमन ट्रैफकिंग यूनिट तकरीबन हर दिन किसी न किसी नाबालिग लड़की को बरामद कर उसके मां-बाप तक पहुंचा रही है. क्राइम ब्रांच जमीनी इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कर बच्चियों को उनके परिवारों से मिला रही है. दिल्ली में सोमवार को भी दो लड़कियों को उनके परिवार को सौंपा गया है. यह दोनों मामले आज के समय में किशोरों की मानसिक स्थिति और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव की एक गंभीर तस्वीर भी पेश करते हैं.
दो नाबालिग लड़कियां घर से हो गईं थी गायब
पहला मामला दिल्ली के भलस्वा डेयरी थाना क्षेत्र का है. यहां रहने वाली 16 वर्षीय एक किशोरी 9 दिसंबर 2025 को संदिग्ध परिस्थितियों में घर से लापता हो गई थी. परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) के तहत अपहरण का मामला दर्ज किया था. मामला एक नाबालिग से जुड़ा था, इसलिए इसकी गंभीरता को देखते हुए केस को क्राइम ब्रांच की AHTU टीम को सौंप दिया गया.
दिल्ली पुलिस ने ऐसे खोजकर निकाला
इंस्पेक्टर मनोज दहिया और उनकी टीम ने जब जांच शुरू की, तो पता चला कि लड़की 11वीं कक्षा की छात्रा है. जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि घटना वाले दिन लड़की का अपनी मां से घर के काम को लेकर झगड़ा हुआ था. गुस्से में आकर उसने एक सुसाइड नोट जैसा ‘फेयरवेल नोट’ लिखा, जिसमें उसने अपनी मर्जी से घर छोड़ने की बात कही और निकल गई.
दोनों लड़कियों की कहानी अलग-अलग
शातिर तरीके से उसने अपने एक स्कूल मित्र के घर शरण ली और वहां यह झूठ बोला कि उसकी नानी का निधन हो गया है और उसका पूरा परिवार गांव चला गया है. पुलिस ने कॉल डिटेल्स और टेक्निकल सर्विलांस की मदद से उसे दिल्ली के समता विहार इलाके से सुरक्षित ढूंढ निकाला.
मायाजाल और स्टेशन की रात
इंस्टाग्राम का दूसरा मामला निहाल विहार थाना क्षेत्र का है, जहां 21 दिसंबर 2025 को 15 साल की एक लड़की लापता हुई थी. क्राइम ब्रांच की टीम ने जब जांच की तो एक अलग ही कहानी सामने आई. पूछताछ और तकनीकी विश्लेषण में पता चला कि यह लड़की इंस्टाग्राम (Instagram) के जरिए ‘गौरव’ नाम के एक लड़के के संपर्क में आई थी.
सोशल मीडिया पर एक लड़के से हुई दोस्ती
सोशल मीडिया पर दोस्ती गहरी हुई और लड़की उस लड़के के बहकावे में आ गई. उस लड़के के प्रभाव में आकर उसने बिना किसी को बताए घर छोड़ दिया. इंस्पेक्टर मुकेश कुमार और उनकी टीम ने कॉल रिकॉर्ड्स और फील्ड वेरिफिकेशन के आधार पर जाल बिछाया. दिल्ली पुलिस टीम ने उस नाबालिग लड़की को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से बरामद किया, जहां से वह शहर छोड़ने की फिराक में थी.
डीसीपी (क्राइम ब्रांच) पंकज कुमार ने बताया कि दोनों लड़कियों को संबंधित थानों के जांच अधिकारियों को सौंप दिया गया है ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके. एसीपी सुरेश कुमार के मार्गदर्शन में इन दोनों टीमों ने जिस तरह से टेक्निकल सर्विलांस का उपयोग किया, वह काबिले तारीफ है. यह घटनाएं माता-पिता के लिए एक बड़ी चेतावनी हैं. छोटी सी घरेलू कलह और सोशल मीडिया का अनियंत्रित उपयोग बड़ी मुसीबत बन रहा है. अभिभावक अपने बच्चों के साथ संवाद बनाए रखें और उनकी डिजिटल गतिविधियों पर नजर रखें.