‘तेरा नाम लिंचिस्तान’ ओडिशा में बंगाली मुस्लिम की लिंचिंग पर क्या बोल गईं इल्तिजा मुफ्ती, भड़क गई बीजेपी

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ओडिशा में एक बंगाली मुस्लिम प्रवासी मजदूर की हत्या के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. जम्मू-कश्मीर की पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने इस मामले को और विवादित बना दिया है. इल्तिजा ने ओडिशा के संबलपुर में मारे गए मजदूर जूल शेख की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, ‘न भारत, न हिंदुस्तान… तेरा नाम लिंचिस्तान है.’ उनके इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी आगबबूला हो गई है और तीखी प्रतिक्रिया दी है.

दरअसल, ओडिशा के संबलपुर जिले के ऐंथापल्ली थाना क्षेत्र के दानीपल्ली इलाके में जूएल शेख की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. वह पश्चिम बंगाल से मजदूरी करने वहां गया था. इस हमले में दो अन्य प्रवासी मजदूर भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं. इल्तिजा ने इसी घटना को लेकर यह पोस्ट किया था. उनके इस बयान को बीजेपी ने देश को बदनाम करने वाला करार दिया है.

बीजेपी प्रवक्ता ने इल्तिजा की पोस्ट पर क्या कहा?

भाजपा प्रवक्ता मंजूर भट्ट ने कहा कि इल्तिजा मुफ्ती को सबसे पहले यह समझना चाहिए कि हमारे देश का नाम भारत है और यही नाम पूरी दुनिया में पहचाना जाता है. उन्होंने कहा कि अगर कोई राजनीति करना चाहता है तो उसे मजहब के आधार पर नहीं, बल्कि पूरे देश और सभी समुदायों को साथ लेकर करनी चाहिए.

मंजूर भट्ट ने आगे कहा कि राजनीति करने वाला व्यक्ति सिर्फ एक समुदाय का प्रतिनिधित्व नहीं करता, बल्कि हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी का प्रतिनिधि होता है. ऐसे में किसी एक घटना के आधार पर पूरे देश को ‘लिंचिस्तान’ कहना न सिर्फ गलत है, बल्कि भारत की गंगा-जमुनी तहजीब और भाईचारे पर भी सवाल खड़ा करता है.

‘बांग्लादेश की हिंसा पर चुप क्यों इल्तिजा?’

बीजेपी प्रवक्ता ने इल्तिजा मुफ्ती पर पलटवार करते हुए यह भी कहा कि अगर उन्हें मजहब के नाम पर हिंसा की चिंता है, तो पहले बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हो रही हिंसा और लिंचिंग पर आवाज उठानी चाहिए. उन्होंने कहा कि भारत में लंबे समय से हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की परंपरा रही है और पूरी दुनिया इसे जानती है. इस तरह के बयान देश को बांटने का काम करते हैं.

क्या है पूरा मामला?

इस बीच ओडिशा पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. मृतक जूएल शेख पश्चिम बंगाल का रहने वाला था और संबलपुर में रहकर मजदूरी करता था. पुलिस के मुताबिक, घटना की शुरुआत एक मामूली विवाद से हुई. स्थानीय युवकों ने कथित तौर पर इलाके में बीड़ी पीने को लेकर प्रवासी मजदूरों पर आपत्ति जताई, जिसके बाद कहासुनी हुई और मामला हिंसक झगड़े में बदल गया.

आरोप है कि गुस्से में आए युवकों के एक समूह ने शेख पर लाठी-डंडों और हाथ-पैरों से हमला कर दिया. गंभीर चोटों के चलते उसकी मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आरोपियों को पकड़ा है. सभी से पूछताछ जारी है और हथियारों की बरामदगी की कोशिश की जा रही है.

संबलपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमान्त बारिक ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला आपसी विवाद के बाद हुई हिंसा का लग रहा है. इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और शांति बनाए रखने की अपील की गई है.

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