गुड़ और देसी घी की खुशबू से महकता कन्नौज, हर दिल की पसंद रोल गजक, सौ साल पुरानी दुकान
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Kannauj News: सर्दियों के मौसम में कन्नौज की पहचान बन चुकी रोल गजक अपने पारंपरिक स्वाद और खुशबू के लिए मशहूर है. सौ साल पुरानी दुकान कलावती गट्टा भंडार में शुद्ध गुड़, तिल, मूंगफली और देसी घी से तैयार की जाने वाली यह मिठाई स्वाद के साथ सेहत का भी ध्यान रखती है. हाथों से तैयार की गई रोल गजक अपनी खास बनावट, लंबे समय तक ताजगी और अनोखी मिठास के कारण कन्नौज ही नहीं, आसपास के जिलों में भी लोगों की पहली पसंद बनी हुई है.
Kannauj News: सर्दियों का मौसम आते ही कन्नौज के बाजारों में एक खास मिठास की खुशबू फैलने लगती है. ठंडी हवाओं के साथ जैसे ही गुड़ और देसी घी की महक लोगों को अपनी ओर खींचती है, वैसे ही शहर की एक पुरानी और मशहूर दुकान की रोल गजक हर किसी की पहली पसंद बन जाती है. यह दुकान सौ साल से भी अधिक पुरानी है और पीढ़ी दर पीढ़ी अपने पारंपरिक स्वाद को आज तक संजोए हुए है.
कैसे तैयार होती है पारंपरिक रोल गजक
गुड़ से बनी पारंपरिक मिठाइयों में रोल गजक का अपना अलग ही स्थान है. कुरकुरी परतों में लिपटी यह मिठास स्वाद के साथ-साथ सेहत का भी पूरा ध्यान रखती है. दुकान के संचालक सक्षम वैश्य बताते हैं कि रोल गजक को तैयार करने में शुद्ध गुड़, तिल और मूंगफली का खास मेल किया जाता है. सर्दियों के मौसम में गुड़ शरीर को गर्म रखने में सहायक होता है, जबकि तिल और मूंगफली ऊर्जा देने के साथ ताकत भी बढ़ाते हैं. यही वजह है कि ठंड के दिनों में लोग इसे शौक से खाते हैं.
आकर्षक डिजाइन और लाजवाब स्वाद
रोल गजक की सबसे बड़ी खासियत इसकी आकर्षक बनावट और लंबे समय तक ताजगी बनाए रखने की क्षमता है. इसे पारंपरिक तरीके से हाथों से बेलकर और रोल का आकार देकर तैयार किया जाता है, जिससे इसका स्वाद और भी खास हो जाता है. इस गजक में केवड़ा और इलायची की खुशबू के साथ देसी घी का उपयोग किया जाता है, जो इसकी मिठास को और निखार देता है. एक बार चखने के बाद इसका स्वाद लंबे समय तक याद रहता है.
दुकानदार की जुबानी परंपरा की कहानी
दुकानदार सक्षम वैश्य बताते हैं कि उनकी यह सौ साल पुरानी दुकान सिर्फ मिठाई बेचने का स्थान नहीं, बल्कि कन्नौज की संस्कृति और परंपरा की पहचान भी है. कलावती गट्टा भंडार के नाम से यह दुकान पूरे जिले में प्रसिद्ध है. यहां की रोल गजक बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को पसंद आती है.
सर्दियों में कन्नौज ही नहीं, आसपास के जिलों से भी लोग खास तौर पर इस गजक को खरीदने आते हैं. समय के साथ स्वाद बदले, लेकिन इस दुकान ने अपनी पारंपरिक विधि और गुणवत्ता से कभी समझौता नहीं किया. यही कारण है कि कन्नौज में सर्दियों की बात हो और रोल गजक का जिक्र न हो, ऐसा संभव नहीं.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें