Home temple direction। घर में मंदिर की सही दिशा

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Home Temple Direction: घर में भगवान का मंदिर ईस्ट नॉर्थ ईस्ट दिशा में बनाना सबसे शुभ माना गया है. यह दिशा खुशियों और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर होती है. सही दिशा में पूजा करने से मानसिक शांति, परिवारिक संबंध और जीवन में सफलता बढ़ती है.

अनेक उपाय करने से भी नहीं मिला फायदा? कहीं गलत दिशा में तो नहीं बना पूजाघर?किस दिशा में हो मंदिर?

Home Temple Direction: घर में भगवान का मंदिर हर किसी के जीवन में शांति और सुख लेकर आता है, लेकिन सिर्फ मंदिर बनाना ही काफी नहीं है, उसकी दिशा का चुनाव भी उतना ही जरूरी है. अकसर लोग ध्यान नहीं देते कि मंदिर किस दिशा में होना चाहिए और इससे घर के वातावरण पर असर पड़ता है. विशेषज्ञ मानते हैं कि ईस्ट नॉर्थ ईस्ट दिशा सबसे सही है. इसे खुशियों और सकारात्मक ऊर्जा की दिशा कहा जाता है. इस दिशा में मंदिर बनाना आपको ईश्वर के करीब महसूस कराता है. चाहे आप काम के तनाव में हों या किसी परेशानी से गुजर रहे हों, इस दिशा में बने मंदिर में बैठकर पूजा करने से मन को शांति मिलती है. ऐसे में घर का वातावरण भी हल्का और आनंदमय हो जाता है. ईस्ट नॉर्थ ईस्ट में मंदिर रखने का फायदा सिर्फ मानसिक शांति तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह घर के सभी सदस्यों के स्वास्थ्य, संबंध और सफलता पर भी सकारात्मक असर डालता है. जब आप इस दिशा में भगवान की पूजा करते हैं, तो आपका रिश्ता ईश्वर से गहरा और व्यक्तिगत बनता है, जैसे कोई दोस्त हमेशा आपके साथ खड़ा हो. इस विषय में अधिक जानकारी दे रहे हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा.

घर में मंदिर की सही दिशा क्यों जरूरी है
ईस्ट नॉर्थ ईस्ट दिशा को हमेशा खुशी और आनंद की दिशा माना गया है. जब मंदिर इस दिशा में होता है, तो घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है. पूजा के समय आप किसी भी प्रसिद्ध मंदिर में जाने जैसा अनुभव घर में ही महसूस कर सकते हैं. आपकी आंखों में खुशी के आंसू आ सकते हैं और मन को गहरा संतोष मिलता है.

ईस्ट नॉर्थ ईस्ट में मंदिर रखने के फायदे
1. मन की शांति:-पूजा के दौरान ध्यान केंद्रित होता है और तनाव दूर होता है.
2. खुशहाल संबंध:-परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम और समझ बढ़ती है.
3. सकारात्मक ऊर्जा:-घर में सकारात्मक वाइब्स बढ़ती हैं, जिससे स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ता है.
4. सफलता और अवसर:-इस दिशा में पूजा करने से जीवन में नई शुरुआत और सफलता के अवसर मिलते हैं.

मंदिर बनाते समय ध्यान रखने वाली बातें
-मंदिर की ऊंचाई ऐसी हो कि आप आसानी से भगवान की प्रतिमा देख सकें.
-पूजा की सामग्री साफ और व्यवस्थित रखें.
-ईस्ट नॉर्थ ईस्ट की ओर मुख करके रोजाना पूजा करें.
-बिजली और शोर से दूर स्थान चुनें.

घर में मंदिर केवल धार्मिक परंपरा नहीं है, बल्कि यह घर के हर सदस्य के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है. ईस्ट नॉर्थ ईस्ट दिशा में मंदिर रखने से घर में खुशियों और सकारात्मक ऊर्जा की बहार रहती है. यह दिशा आपको भगवान के करीब लाती है और हर दिन जीवन में आनंद और संतोष भर देती है.

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Keerti Rajpoot

मीडिया की दुनिया में मेरा सफर एक रेडियो जॉकी के रूप में शुरू हुआ था, जहां शब्दों की ताकत से श्रोताओं के दिलों तक पहुंच बनाना मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि रही. माइक के पीछे की यह जादुई दुनिया ही थी जिसने मुझे इलेक्ट्र…और पढ़ें

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