Vaibhav Suryavanshi becomes captain: 14 साल के वैभव सूर्यवंशी भारत के अंडर 19 टीम के बने कप्तान, 9 महीने पहले किया था आईपीएल डेब्यू

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नई दिल्ली. एक 14 साल के बच्चे के लिए जो स्कूल में टीम में शामिल है, उसका पहला लक्ष्य क्या होता है? अपने स्कूल का प्रतिनिधित्व करना? स्कूल की ड्रेस पहनकर गर्व महसूस करना, अपने हमउम्र साथियों के साथ मुकाबला करना और जीतकर शेखी बघारने का मौका पाना. 14 साल की उम्र में कभी-कभी अगर किस्मत साथ दे तो हम अपने हीरो की अप्रत्याशित वर्ल्ड कप जीत की खुशी में डूब जाते हैं. हम अभी स्कूल की टीम में जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहे होते हैं. अगर सिलेक्शन ट्रायल्स में फेल हो जाएं तो खुद को यह कहकर तसल्ली देते हैं कि हम अभी छोटे हैं. लेकिन वैभव सूर्यवंशी की कहानी अलग है वो 14 साल में भारत की अंडर 19 टीम की कप्तानी करने के लिए तैयार हैं.

वैभव अद्भुत प्रतिभा के धनी हैं और 14 साल की उम्र में देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. सिर्फ खेल ही नहीं रहे, बल्कि नेशनल अंडर-19 टीम के कप्तान भी बन रहे हैं, भले ही अस्थायी तौर पर. स्वागत है वैभव सूर्यवंशी की दुनिया में. बिहार के इस युवा के लिए जिंदगी एक तेज रफ्तार, तूफानी सफर रही है. अगले हफ्ते वो भारत की कप्तानी करेंगे. दक्षिण अफ्रीका में तीन मैचों की सीरीज के लिए उनको टीम का कप्तान बनाया गया है. ये सीरीज जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले 50 ओवर वर्ल्ड कप से पहले आखिरी ड्रेस रिहर्सल है.

9 महीने पहले शुरू हुआ सपनों का सफर

स्पीड सूर्यवंशी को साफ तौर पर रोमांचित करती है, यह प्रतिभाशाली लेफ्ट हैंडर जिसके लिए रिकॉर्ड तोड़ना आम बात हो गई है. एक साल पहले, जब वह सिर्फ 13 साल का था, वह आईपीएल ऑक्शन में चुना जाने वाला सबसे कम उम्र का खिलाड़ी बना, राजस्थान रॉयल्स ने उसे 1.1 करोड़ रुपये में खरीदा. उसे यह साबित करने में ज्यादा वक्त नहीं लगा कि वह सिर्फ एक नई चीज नहीं है.

19 अप्रैल 2025 को अपने आईपीएल डेब्यू पर 14वें जन्मदिन के दो हफ्ते बाद उसने जोरदार शुरुआत की. पहली ही गेंद पर शार्दुल ठाकुर को छक्का जड़ा, लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ दो रन से हार के मैच में 20 गेंद में 34 रन बनाए. और यह साबित करने के लिए कि यह सिर्फ शुरुआत की किस्मत नहीं थी, अगले मैच में उसने 38 गेंद में 101 रन की शानदार पारी खेली, गुजरात टाइटंस के खिलाफ आठ विकेट से जीत दिलाई और 210 रन का टारगेट बहुत छोटा बना दिया. मोहम्मद शमी, इशांत शर्मा, प्रसिद्ध कृष्णा, राशिद खान और साई किशोर के खिलाफ सूर्यवंशी ने 35 गेंद में शतक बनाते हुए सात चौके और 11 छक्के लगाए, जिससे वह टी20 में शतक लगाने वाला सबसे कम उम्र का खिलाड़ी बन गया.

विजय हजारे ट्रॉफी में रिकॉर्ड तोड़ पारी

‘सबसे कम उम्र’ के कई रिकॉर्ड उसके नाम हुए, हाल ही में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ 190 रन बनाकर वह विजय हजारे ट्रॉफी में शतक लगाने वाला सबसे कम उम्र का खिलाड़ी बन गया. ऐसे खिलाड़ियों के खिलाफ खेलते हुए, जो उससे काफी बड़े हैं, जिनके पैर छूने की उम्र है. सूर्यवंशी की जिंदगी में ‘नॉर्मल’ बचपन शायद नहीं है, अगर ऐसा कुछ होता है तो. उसकी किस्मत में क्रिकेटिंग करियर है, जैसा ज्यादातर लोग सिर्फ सपना देख सकते हैं. अगर वह जमीन से जुड़ा रहे और किस्मत साथ दे, क्योंकि सिर्फ टैलेंट से कुछ नहीं होता, किस्मत भी चाहिए.

वैभव का असली इम्तिहान अब होगा शुरू

अपने 23 महीने के सीनियर क्रिकेट करियर में सूर्यवंशी ने खुद को साबित किया है. रणजी ट्रॉफी में उसका रिकॉर्ड सामान्य है, लेकिन व्हाइट-बॉल क्रिकेट में वह बेखौफ और खतरनाक खिलाड़ी है; सात 50 ओवर के मैचों में उसका औसत 46 है और स्ट्राइक रेट 157.83. टी20 में उसके आंकड़े और भी शानदार हैं. 18 पारियों में औसत 41.23 और स्ट्राइक रेट 204.37 (यानि हर गेंद पर दो से ज्यादा रन), जिसमें तीन शतक और सबसे ज्यादा 144 रन शामिल हैं. ये आंकड़े किसी किशोर के लिए अविश्वसनीय हैं, खासकर जब वह अभी 15 साल का भी नहीं हुआ है. कहना गलत नहीं होगा कि पूरी दुनिया सूर्यवंशी के कदमों में है.

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