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Paniska Pitha Recipe: पनिस्का पिठे की सबसे बड़ी खासियत ये है कि इसे बनाने में न तेल, न मसाला और न ही किसी अतिरिक्त सामग्री की जरूरत होती है. पूरी तरह से पारंपरिक तरीके से यह पिठा मिट्टी के बर्तनों में तैयार किया जाता है. स्वाद को और भी खास बनाने के लिए लकड़ी के जलावन पर इसे पकाया जाता है.  

ना तेल, ना मसाला: मिट्टी के बर्तन में पकता है झारखंड का यह खास पिठा, स्वाद और सेहत दोनों का खजाना; जानिए इसकी रेसिपी

झारखंड अपने पारंपरिक लोक व्यंजनों के लिए विशेष रूप से जाना जाता है. यहां के खान-पान में आदिवासी संस्कृति और देसी स्वाद की झलक साफ दिखाई देती है. ऐसे में आज भी ग्रामीण इलाकों में खास मौकों और लोक त्योहारों के दौरान घरों में पनीस्का पिठा, जिसे खपरा पिठा भी कहा जाता है. बड़े चाव से बनाया और खाया जाता है.

ना तेल, ना मसाला: मिट्टी के बर्तन में पकता है झारखंड का यह खास पिठा, स्वाद और सेहत दोनों का खजाना; जानिए इसकी रेसिपी

इस पिठा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे बनाने में न तेल, न मसाला और न ही किसी अतिरिक्त सामग्री की जरूरत होती है. यह पूरी तरह से पारंपरिक तरीके से मिट्टी के बर्तनों में तैयार किया जाता है. इसके स्वाद को खास बनाने के लिए लकड़ी की जलावन का उपयोग किया जाता है.

ना तेल, ना मसाला: मिट्टी के बर्तन में पकता है झारखंड का यह खास पिठा, स्वाद और सेहत दोनों का खजाना; जानिए इसकी रेसिपी

पनीस्का पिठा बनाने के लिए सबसे पहले कुछ खास सामानों की जरूरत होती हैं. इसमें सबसे पहले,मिट्टी की हांडी, मिट्टी की चुकी (ढकने के लिए), अरवा चावल और पानी की जरूरत पड़ती है.

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ना तेल, ना मसाला: मिट्टी के बर्तन में पकता है झारखंड का यह खास पिठा, स्वाद और सेहत दोनों का खजाना; जानिए इसकी रेसिपी

सबसे पहले पिठा बनाने के लिए अरवा चावल को 1 से 2 घंटे के लिए पानी में भिगो दिया जाता है. फिर चावल को सुखाकर इससे मिक्सर में पीसकर पाउडर बना लिया जाता है. फिर चावल के पाउडर को निकालकर छलनी से छानकर और भी महीन किया जाता है. अपने जरूरत अनुसार पानी मिलाकर बैटर को पतला किया जाता है.

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बैटर तैयार होने के बाद इससे पहली बार हांडी में डालकर अच्छी तरह से चेक कर लें कि बैटर कहीं अधिक मोटा या पतला तो नहीं. क्योंकि अधिक पतला होने पर पीठा हांडी पर चिपक जाता है. अधिक मोटा होने पर पिठा सख्त हो जाता है. इसलिए सही मात्रा में बैटर तैयार करना जरूरी है.

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अगले चरण में मिट्टी की हांडी को चूल्हे पर रखकर अच्छी तरह गर्म किया जाता है. हांडी गर्म होने के बाद तैयार बैटर को उसमें डाला जाता है. फिर मिट्टी की चुकी से हांडी को ढक दिया जाता है. ऊपर से हल्का पानी छिड़क दिया जाता है. जिससे भाप की मदद से पनिस्का पिठा नरम तैयार होता है.

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वहीं तैयार पनीस्का पिठा को आप चना की सब्जी या देसी मटन करी के साथ लुफ्त उठा सकते हैं. पनीस्का पिठा कि सबसे बड़ी खासियत है कि यह पिठा जल्दी खराब नहीं होता और यह दो दिनो तक पूरी तरह से फ्रेश रहता है.

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ना तेल, ना मसाला! मिट्टी के बर्तन में पकता है ये डिश, स्वाद-सेहत दोनों बेस्ट

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