Bathua Greens Benefits: खरपतवार नहीं… पोषण का पावर हाउस है बथुआ, सर्दियों में जरूर करें सेवन
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Bathua Greens Benefits: ग्रामीण इलाकों में अक्सर बथुआ साग को लोग साधारण खरपतवार समझ कर अनदेखा कर देते हैं, लेकिन सर्दियों में उगने वाला यही बथुआ असल में सेहत का अनमोल खजाना है. दिसंबर और जनवरी के महीनों में खेतों और मेड़ों पर मिलने वाला बथुआ साग स्वाद और पोषण दोनों का बेहतरीन संगम माना जाता है. यह साग न सिर्फ पारंपरिक भोजन का अहम हिस्सा रहा है, बल्कि आयुर्वेद में भी इसे औषधीय गुणों से भरपूर बताया गया है.

बथुआ में मौजूद विटामिन, मिनरल्स और फाइबर शरीर को ताजगी और ऊर्जा प्रदान करते हैं. सर्द मौसम में जब शरीर को अतिरिक्त पोषण की जरूरत होती है, तब बथुआ साग प्राकृतिक रूप से कई जरूरी तत्वों की पूर्ति करता है. नियमित रूप से बथुआ को भोजन में शामिल करने से प्रोटीन की कमी, कमजोरी और मौसमी बीमारियों से बचाव में मदद मिलती है. यही वजह है कि पारंपरिक रसोई में बथुआ साग की सब्जी, साग या पराठे आज भी खास माने जाते हैं.

समस्तीपुर जिला के मोहनपुर स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थापित चिकित्सा पदाधिकारी सह आयुर्वेदाचार्य बालेश्वर शर्मा, जो पिछले 40 वर्षों से आयुर्वेद के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं, वह बताते हैं कि बथुआ साग कोई साधारण साग नहीं है. इसमें कैल्शियम, आयरन, फास्फोरस, मैग्नीशियम और प्रचुर मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है, जो शरीर के लिए आवश्यक मिनरल्स की कमी को पूरा करने में सहायक है.

उनके अनुसार बथुआ का नियमित सेवन पाचन तंत्र को मजबूत करता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है. सर्दियों के मौसम में इम्यूनिटी कमजोर होने लगती है, ऐसे में बथुआ साग शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है.
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आयुर्वेद में इसे रक्तशोधक और बलवर्धक माना गया है, जिससे शरीर में खून की कमी दूर होती है और थकान कम होती है. आयुर्वेदाचार्य का कहना है कि अगर लोग सर्दियों में सप्ताह में दो से तीन बार बथुआ का सेवन करें, तो कई छोटी-बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है.

सर्दियों के मौसम में कब्ज की समस्या आम हो जाती है, लेकिन बथुआ साग इसमें बेहद लाभकारी साबित होता है. बथुआ में फाइबर की भरपूर मात्रा पाई जाती है, जो पाचन क्रिया को दुरुस्त रखती है और आंतों की सफाई में मदद करती है. बथुआ खाने से पेट साफ रहता है और गैस, अपच जैसी समस्याओं से राहत मिलती है. इसके अलावा बथुआ स्किन एलर्जी के लिए भी फायदेमंद माना जाता है.

बथुआ का रस पीने या इसे उबालकर व सब्जी के रूप में खाने से त्वचा पर होने वाले फोड़े-फुंसी, खुजली और रैशेज में आराम मिलता है.इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण त्वचा की सूजन को शांत करने में सहायक होते हैं. कुल मिलाकर, बथुआ साग सर्दियों में मिलने वाला ऐसा प्राकृतिक आहार है, जो कम खर्च में सेहत को कई गुना फायदा पहुंचाता है.