Digvijaya Singh Controversy । RSS PM Modi Policy । पीएम मोदी और RSS की नीतियों का घोर विरोधी हूं लेकिन… प्रियंका को लेकर क्या बोले दिग्विजय सिंह?
नई दिल्ली. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और अक्सर अपने बयानों से सुर्खियों में रहने वाले दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर बड़ा बयान दिया है. न्यूज़18 के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में दिग्विजय सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को लेकर अपनी बेबाक राय रखी है. उन्होंने साफ कहा कि वे विचारधारा के स्तर पर संघ के घोर विरोधी हैं, लेकिन संगठन (Organization) चलाने के उनके तरीके के प्रशंसक हैं. साथ ही उन्होंने कांग्रेस को मजबूत करने के लिए प्रियंका गांधी के ‘संगठन सृजन’ प्रस्ताव को तत्काल लागू करने की वकालत की है. शनिवार को हुई पार्टी की अहम बैठक के बाद दिग्विजय सिंह ने संगठन की मजबूती और भविष्य की रणनीति पर खुलकर बात की.
दिग्विजय सिंह ने अपने रुख को स्पष्ट करते हुए कहा, “मैं विचारधारा से आरएसएस का घोर विरोधी हूं और नीतियों के आधार पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोधी हूं. लेकिन, आरएसएस और उनके संगठन (Structure) का मैं प्रशंसक हूं.” उनका इशारा संघ के जमीनी स्तर पर काम करने के तरीके और उनके नेटवर्क की ओर था. दिग्विजय सिंह का मानना है कि अगर बीजेपी और संघ से मुकाबला करना है, तो कांग्रेस को भी अपना संगठनात्मक ढांचा उतना ही मजबूत करना होगा.
प्रियंका गांधी का ‘संगठन सृजन’ प्रस्ताव लागू हो
कांग्रेस नेता ने पार्टी हाईकमान को नसीहत देते हुए कहा कि पूरे देश में संगठन सृजन की कल्पना और प्रस्ताव, जो प्रियंका गांधी के कार्यक्रम का हिस्सा था, उसे तत्काल पूरा किया जाना चाहिए.
* घर-घर जाना होगा: दिग्विजय सिंह ने कहा कि हर घर जाकर ही आरएसएस के दुष्प्रचार को दूर किया जा सकता है.
* बिना संगठन संभव नहीं: उन्होंने जोर देकर कहा कि यह काम तब तक संभव नहीं है जब तक संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत नहीं किया जाता. प्रियंका गांधी के प्रस्ताव में संगठन को खड़ा करने की जो बातें थीं, उन्हें अब लागू करने का वक्त आ गया है.
‘आज की बैठक में अपनी बात कह दी’
पार्टी की बैठक के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, “आज की बैठक में मुझे जो कहना था, वो मैंने कह दिया है.” जब उनसे प्रियंका गांधी की भूमिका बढ़ाने के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने सधे हुए शब्दों में जवाब दिया. उन्होंने कहा, “प्रियंका गांधी की भूमिका बढ़नी चाहिए कि नहीं, यह कांग्रेस अध्यक्ष का क्षेत्राधिकार (Jurisdiction) है. यह फैसला उन्हें लेना है.”
पोलिंग बूथ तक मजबूत हो कांग्रेस
दिग्विजय सिंह ने मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए कहा कि खरगे जी की अध्यक्षता में कांग्रेस मजबूत होनी चाहिए और जन-जन तक पहुंचनी चाहिए. उनका साफ मानना है कि हवाई बातों से चुनाव नहीं जीते जा सकते. कांग्रेस संगठन को पोलिंग बूथ स्तर तक मजबूत होना पड़ेगा. जब तक बूथ लेवल पर कार्यकर्ता सक्रिय और संगठित नहीं होंगे, तब तक बीजेपी की चुनावी मशीनरी का मुकाबला करना मुश्किल होगा.