Virendra Charan Gangster | Rohit Godara network- लॉरेंस-गोदारा गैंग का इंटरनेशनल एक्शन! ऑस्ट्रेलिया में हुई फायरिंग के पीछे वीरेंद्र चारण का हाथ? एक पोस्ट पर भारी बवाल
नई दिल्ली: अपराध की दुनिया अब सिर्फ भारत की सीमाओं तक सिमटी नहीं रही. सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के सहारे गैंगस्टर अपने असर का दायरा लगातार बढ़ा रहे हैं. इसी कड़ी में एक सनसनीखेज दावा सामने आया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों से लेकर सोशल मीडिया तक हलचल मचा दी है. कुख्यात गैंगस्टर वीरेंद्र चारण के नाम से वायरल एक पोस्ट में ऑस्ट्रेलिया में हुई फायरिंग की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया है.
इस वायरल पोस्ट के बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या वाकई लॉरेंस बिश्नोई–रोहित गोदारा गैंग का नेटवर्क अब ऑस्ट्रेलिया तक सक्रिय हो चुका है? या फिर यह सोशल मीडिया के जरिए डर फैलाने और ताकत दिखाने की एक और कोशिश है?
क्या है पूरा मामला?
सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि ऑस्ट्रेलिया में बुकी रोनी के घर पर हुई फायरिंग वीरेंद्र चारण के इशारे पर करवाई गई. पोस्ट में लिखा गया कि रोनी ने फोन कॉल का जवाब नहीं दिया. इसके बाद यह कार्रवाई करवाई गई. इस दावे ने मामले को और गंभीर बना दिया है, क्योंकि इसमें सीमा पार आपराधिक गतिविधियों की ओर इशारा किया गया है.
पोस्ट में क्या-क्या आरोप लगाए गए?
वायरल पोस्ट में सिर्फ फायरिंग की जिम्मेदारी ही नहीं ली गई, बल्कि बुकी रोनी पर पुलिस और प्रशासन से मिलीभगत के भी गंभीर आरोप लगाए गए. पोस्ट के मुताबिक रोनी बड़े सटोरियों को बचाने का काम करता है. इन आरोपों ने सट्टेबाजी और अपराध के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं.
कौन है वीरेंद्र चारण?
पहले भी ले चुका है जिम्मेदारी
क्यों उठ रहे हैं सवाल?
विशेषज्ञों का मानना है कि कई बार गैंगस्टर या उनके समर्थक फर्जी अकाउंट्स के जरिए ऐसी पोस्ट वायरल करते हैं, ताकि गैंग की दहशत बनी रहे. फिलहाल ऑस्ट्रेलियाई पुलिस की ओर से इस फायरिंग को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं आई है. ऐसे में यह भी सवाल है कि क्या यह पोस्ट असली है या सिर्फ डर और प्रचार का हथकंडा.
सोशल मीडिया बना गैंगस्टरों का हथियार
यह मामला दिखाता है कि किस तरह सोशल मीडिया अपराधियों के लिए प्रचार, धमकी और भर्ती का जरिया बनता जा रहा है. एक पोस्ट के जरिए अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरना और डर का माहौल बनाना अब नई रणनीति बन चुकी है. सुरक्षा एजेंसियों के सामने चुनौती है कि ऐसे डिजिटल सबूतों को कैसे ट्रैक और वेरिफाई किया जाए.
अगर यह दावा सही साबित होता है, तो यह भारतीय गैंगवार के वैश्विक विस्तार का बड़ा संकेत होगा. ऐसे मामलों में भारतीय एजेंसियों, इंटरपोल और विदेशी पुलिस के बीच तालमेल अहम हो जाता है. वहीं, अगर पोस्ट फर्जी निकली, तब भी यह सवाल रहेगा कि गैंगस्टर खुलेआम सोशल मीडिया पर ऐसे दावे कैसे कर पा रहे हैं.