52 रुपये घंटे पर सामान डिलीवर करता था ये लड़का, अचानक सांसद ने बुला लिया घर, साथ किया डिनर और चमक गई किस्मत
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Delivery Pertner Income : सांसद राघव चड्ढा ने ब्लिंकिट के एक डिलीवरी पार्टनर को अपने घर लंच पर बुलाया और उसके साथ गिग वर्कर्स को मिलने वाली कमाई पर बातचीत की.
राघव चड्ढा ने ब्लिंकिट के डिलीवरी पार्टनर को लंच के लिए बुलाया.नई दिल्ली. चार पैसे कमाने के लिए एक युवक दिन के 15 घंटे काम करता है. वह घर-घर सामान पहुंचाकर एक घंटे में 52 रुपये कमाता है और एक दिन अचानक उसे पंजाब के सांसद अपने घर बुला लेते हैं. उसके साथ डिनर करते हैं और बेहतर जिंदगी के लिए आवाज भी उठाते हैं. सुनने में आपको यह किसी परी कथा जैसा लगता होगा, लेकिन आज यह खबर सोशल मीडिया पर हर किसी के लिए कौतुहल का विषय बनी हुई है. ब्लिंकिट के लिए सामान डिलीवरी करने वाले इस युवक की कहानी आज पूरा देश सुन रहा है.
यह सारा मामला शुरू हुआ पंजाब के सांसद और राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा के एक कदम से. अगर आप राघव चड्ढा को नहीं जानते तो बता दें कि वह बॉलीवुड एक्ट्रेस परणीति चोपड़ा के पति हैं. उन्होंने ब्लिंकिट के डिलीवरी पार्टनर थपलियाल जी को अपने घर लंच के लिए बुलाया. थपलियात उत्तराखंड के रहने वाले हैं और पिछले कुछ साल से डिलीवरी पार्टनर के तौर पर काम कर रहे हैं. राघव ने उन्हें अपने साथ लंच करने के लिए बुलाया और उनकी कहानी को संसद में उठाया. उन्होंने संसद में कहा कि देश के युवाओं को काम करने के एवज में बेहद मामूली रकम मिलती है. गिग इकनॉमी के तौर पर तेजी से उभर रहे देश में उन्होंने गिग वर्कर्स की मुसीबतों को लेकर लोगों का ध्यान खींचा.
क्या है इस वीडियो का मकसद
राघव ने थपलियाल को अपने साथ लंच करने के लिए बुलाया और उनसे यह जानने की कोशिश की रोजाना कितने पैसे इस काम से कमा लेते हैं. थपलियाल ने बताया कि उन्होंने ब्लिंकिट के साथ 15 घंटे तक काम किया और 763 रुपये की कमाई हुई. इसका मतलब है कि अमूमन 52 रुपये एक घंटे में उन्हें मिले हैं. इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हर जगह गिग वर्कर्स की दयनीय स्थिति को लेकर चर्चा हो रही है. थपलियाल ने बताया कि उन्होंने ब्लिंकिट के 28 डिलीवरी करने के बाद 15 घंटे में 763 रुपये की कमाई हुई, जो काफी कम है. यह घटना बताती है कि देश में गिग वर्कर्स के लिए कमाई कितनी कम है, जो बड़ी चिंता का विषय है.
राघव ने उठाया संसद में मुद्दा
सांसद के साथ लंच और मुलाकात यह वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट होने के बाद वायरल हो गया और आज देशभर में इस मुद्दे पर एक बहस छिड़ चुकी है. राघव ने भी गिग वर्कर्स को कम पगार मिलने का मुद्दा संसद में उठाया. राज्यसभा से सांसद राघव ने डिलवरी पार्टनर के अनुभव को सोशल मीडिया पर साझा किया. उन्होंने कहा कि संसद के शीतकालीन सत्र में उन्होंने ऐसे ही मुद्दे को उठाया था, जहां युवाओं को मिलने वाली कम पगार को लेकर चिंता जताई थी. उन्होंने कहा कि युवा आज घंटों तक काम करता है और बदले में उसे मामूली रकम मिलती है, जो उसकी सामाजिक सुरक्षा पर एक जोखिम है.
संसद में मुद्दा उठाने के बाद डिलीवरी पार्टनर को घर बुलाया
सांसद ने गिग वर्कर्स को मिलने वाली पगार को लेकर संसद में मुद्दा उठाया और अब ब्लिंकिट के डिलीवरी पार्टनर को घर बुलाकर उसके साथ लंच किया और उससे कमाई के बारे में पूछा. मीटिंग के दौरान थपलियाल ने बताया कि उन्होंने 15 घंटे तक काम किया, तब जाकर 763 रुपये की कमाई हुई है. राघव ने पिछले दिनों संसद में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा था कि क्विक कॉमर्स कंपनियां अपने डिलीवरी पार्टनर से दबाव में काम लेती हैं और बदले में बेहद मामूली भुगतान करती हैं. आज जोमैटो, स्विगी, ओला, उबर, ब्लिंकिट और जेप्टो जैसी कंपनियां 10 मिनट डिलवरी ऑप्शन के साथ काम करती हैं, लेकिन वे अपने कर्मचारियों भुगतान काफी कम करती हैं.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें