एक ऐसा मंदिर… जहां दर्शन मात्र से घर बनाने का सपना होता है पूरा! इस भगवान की है अखंड प्रतिमा, जानिए विशेषता

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Famous Temple: हर किसी की ख्वाहिश होती है कि एक दिन उसका अपना घर हो. लेकिन, किसी कारण से वे घर नहीं बना पा रहे हैं. ऐसे में वे एक मंदिर के दर्शन जरूर करें. जी हां मंदिर का नाम है वराहनाथ मंदिर. ऐसा माना जाता है कि अगर ऐसे लोग इस प्राचीन मंदिर में दर्शन करें तो उनकी मनोकामना पूरी हो जाती है. क्या आप जानते हैं कि यह ऐतिहासिक मंदिर कहां स्थित है? इसके बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करें.

नया घर बनाने का सपना सच हो जाएगा

सक्करानाडु जिले के मांड्या जिले के केआर पेट तालुका में स्थित वराहनाथ कल्लाहल्ली में ऐसा ही एक प्राचीन मंदिर है. ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर में दर्शन करने से नए घर के निर्माण या भूमि विवाद से संबंधित आपका सपना पूरा हो जाएगा. यही कारण है कि हजारों श्रद्धालु इस मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं.

यह कोई साधारण मंदिर नहीं है

यह मंदिर हेमावती की बैकवाटर में प्रकृति की गोद में शांतिपूर्वक स्थित है. यह कोई साधारण मंदिर नहीं है. यह पूरे देश में विष्णु की दूसरी सबसे बड़ी अखंड प्रतिमा है, जिसमें विष्णु वराह रूप में विराजमान हैं और उनके साथ देवी भूदेवी भी हैं.

ईंट समर्पण

कृष्ण पत्थर से तराशी गई भू वराहनाथ की इस मूर्ति में भगवान विष्णु वराह रूप में श्री देवी और भू देवी के साथ विराजमान हैं. भक्तों में यह मान्यता है कि जो लोग नया घर बनाने का सपना देखते हैं, भूमि विवाद या अदालती मामलों से परेशान हैं, यदि वे यहां आकर प्रार्थना करते हैं, तो उनकी समस्याएं हल हो जाती हैं. इसलिए, भक्त दृढ़ संकल्प के साथ मिट्टी, पत्थर और ईंटें यहां लाते हैं और भगवान को अर्पित करते हुए प्रार्थना करते हैं.

विशेष पूजा

प्रत्येक माह, रेवती नक्षत्र के दिन, इस मंदिर में विशेष पूजा की जाती है. भगवान का विशेष अभिषेक और 108 प्रकार के द्रव्यों और फूलों से अलंकरण किया जाता है. होयसला काल में निर्मित इस प्राचीन मंदिर का वर्तमान में परकला मठ द्वारा जीर्णोद्धार किया जा रहा है, और इस स्थान को दूसरा तिरुपति बनाने के लिए करोड़ों रुपये की लागत से एक महत्वाकांक्षी योजना शुरू की गई है.

अब मंदिर के चारों ओर पत्थरों के ढेर जमा कर दिए गए हैं और मशीनों की सहायता से वहीं पर नक्काशी का काम चल रहा है. प्रतिदिन आने वाले श्रद्धालुओं के लिए परकला मठ द्वारा प्रसाद की व्यवस्था की गई है. विशेष रूप से वराह जयंती पर इस मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और भव्य सजावट बड़े धूमधाम से की जाती है. अब मांड्या का भू वराहनाथ मंदिर, जिसने आस्था, इतिहास और भव्यता को एक ही स्थान पर समेट रखा है, न केवल आज बल्कि आने वाले दिनों में भी श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा.

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