लखीमपुर खीरी का ऐसा पुल, छह महीने के लिए खुलता है, हर रात बंद, सैकड़ों गांवों का सहारा, देखें Ground Report
Last Updated:
Ground Report Pachpedi Ghat Pontoon Bridge : इस पुल के दोबारा शुरू होने से फूलबेहड़, मिलपुरवा, जंगल न.11, गूम, सरवा, अदलाबाद, ग्रंट12, मंगलीपुरवा, खांभी, बसहा, सैदापुर, बड़ागांव, चकलुआ, रंडौहा, श्रीनगर, गौरा, पयाग, समेत सैकड़ों गांव के लोगों को सीधी राहत मिलेगी. नदी का किनारा करीब सात किलोमीटर तक बालू से भरा होने के बावजूद लोग इसी रास्ते से निकलते हैं. बरसात के महीने में इस पुल को हटा लिया जाता है.
लखीमपुर खीरी. शारदा नदी के किनारे पचपेड़ी घाट का अस्थायी पीपा पुल शुरू हो गया है. लखीमपुर खीरी जिले के इस पुल से राहगीरों के साथ उन किसानों को भी राहत मिली है, जिनके खेत नदी के उस पार हैं. बरसात के मौसम में लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. ऐसे में लोगों को लंबा सफर भी तय करना पड़ता है. शारदा नदी के किनारे पचपेड़ी घाट के पास हर साल अस्थायी पीपा पुल का निर्माण कराया जाता है और बरसात के महीने में पीपा पुल हटा लिया जाता है. लोकल 18 से बात करते हुए श्रीराम बताते हैं कि यह पीपा पुल 15 जून तक चालू रहता है. सुबह 7:00 से लेकर रात्रि 8:00 बजे तक इस पर आवागमन होता है. उसके बाद इसे बंद कर दिया जाता है. जंगल नजदीक होने के कारण लोगों को दिक्कत न हो, जिस कारण रात में आवागमन पूरी तरीके से बंद रहता है.
इन गांवों के लिए जरूरी
इस पुल के दोबारा शुरू होने से फूलबेहड़, मिलपुरवा, जंगल न.11, गूम, सरवा, अदलाबाद, ग्रंट12, मंगलीपुरवा, खांभी, बसहा, सैदापुर, बड़ागांव, चकलुआ, रंडौहा, श्रीनगर, गौरा, पयाग, समेत आसपास के सैकड़ों गांव के लोगों को निघासन आने-जाने के लिए शारदानगर और ढखेरवा के फेरे नहीं लगाने पड़ेंगे. ग्रामीणों का मानना है कि पुल शुरू होने से जहां दूरी कम पड़ेगी, समय और धन की भी बचत होगी. नदी का किनारा करीब सात किलोमीटर तक बालू और धूल से भरा होने के बावजूद लोग नजदीक होने के कारण इस रास्ते से निकलते हैं.
बहुत दिनों से मांग
तहसील से जिला मुख्यालय जाने के तीन रास्ते हैं. ढखेरवा से होकर जाने पर लखीमपुर की दूरी 65, बंधारोड से जाने पर 55 और शारदा नदी के पचपेड़ी घाट से होकर जाने पर इसकी दूरी 35 किलोमीटर पड़ती है. प्रत्येक वर्ष शारदा नदी में पानी कम होने पर पीपों का पुल बनाकर आवागमन कराया जाता है. यह पीपों का पुल (पैंटून पुल) नवंबर और दिसंबर से 15 जून तक चलता है. बरसात अधिक होने पर यह पुल बंद कर दिया जाता है. पचपेड़ी घाट पर स्थायी पुल बनाने की मांग कई बार हो चुकी है. विधानसभा से लेकर लोकसभा चुनाव में मुद्दा भी बना लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ.
About the Author
Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें