डायरेक्टर ने 1 कहानी पर बना डाली 2 फिल्में, दोनों का नाम भी रखा एक समान, रिलीज होने पर दोनों निकली ब्लॉकबस्टर
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2 Blockbuster Films With Same Name And Story: आज हम आपको दो ऐसी फिल्मों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनका टाइटल एक जैसा था और कहानी भी काफी मिलती-जुलती थी. सबसे हैरानी की बात यह है कि दोनों फिल्में बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर रहीं. अब आप सोच रहे होंगे कि लोग एक ही नाम और मिलती-जुलती कहानी वाली दो फिल्में देखने थिएटर क्यों पहुंचें. दरअसल, ये दोनों फिल्में अलग-अलग सालों में रिलीज हुई थीं. एक तमिल फिल्म थी, जिसे तीन साल बाद बॉलीवुड में उसी टाइटल के साथ रीमेक किया गया, और मजे की बात यह है कि दोनों फिल्मों के डायरेक्टर भी एक ही थे. तो आइए, आपको इन दो फिल्मों के बारे में बताते हैं जो हर तरह से लगभग एक जैसी थीं.

नई दिल्ली. हिंदी में साउथ इंडियन फिल्मों के रीमेक और साउथ इंडियन भाषाओं में बॉलीवुड फिल्मों के रीमेक बहुत आम हैं, और यह कोई नई बात नहीं है; यह 50 के दशक से हो रहा है. हालांकि, कुछ अंतर भी रहे हैं, जैसे कहानी में थोड़े बदलाव, फिल्मों के अलग-अलग टाइटल और अलग-अलग एक्टर. लेकिन, आज हम आपको जिन दो फिल्मों के बारे में बताने जा रहे हैं, उनके टाइटल, कहानी, डायरेक्टर और यहां तक कि कुछ एक्टर भी एक जैसे थे.

हम बात कर रहे हैं उस फिल्म की जो 17 साल पहले यानी 2008 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी, जिसका नाम था ‘गजनी’. जी हां, वही गजनी जिसने आमिर के करियर को एक नई ऊंचाई दिलाई थी. आमिर खान की इस फिल्म ने रिलीज के साथ बॉक्स ऑफिस पर हंगामा मचा दिया था और देखते ही देखते यह फिल्म सिनेमाघरों में छा गई थी. बाद में, यह फइल्म एक ब्लॉकबस्टर बनकर उभरी थी.

हालांकि, हो सकता है कि आपको पता न हो कि यह एक तमिल फिल्म का रीमेक थी और उसका नाम भी ‘गजनी’ ही था. यह फिल्म साल 2005 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. यह फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी. सबसे खास बात तो ये थी कि दोनों फिल्मों के नाम के साथ-साथ दोनों फिल्मों की कहानी भी एक जैसी थी. साथ ही दोनों के डायेरक्टर, दोनों फिल्मों की एक्ट्रेस और विलेन भी सेम थे.
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एआर मुरुगादॉस द्वारा निर्देशित साल 2005 में रिलीज हुई तमिल फिल्म ‘गजनी’ में सूर्या , असिन , नयनतारा और प्रदीप रावत ने अभिनय किया था. हैरिस जयराज ने साउंडट्रैक और बैकग्राउंड म्यूजिक तैयार किया था, जबकि आरडी राजशेखर छायाकार और एंथनी संपादक थे. फिल्म में, एक अमीर बिजनेसमैन अपनी प्रेमिका को मानव तस्कर द्वारा हत्या किए जाने से बचाने के प्रयास में सिर में लगी चोट के कारण अमनेशिया नामक एक बीमारी का शिकार हो जाता है. केवल इतना याद रखते हुए, वह एक कैमरे से ली गई तस्वीरों और अपने शरीर पर बने टैटू की मदद से उसकी हत्या का बदला लेने की ठान लेता है.

वहीं, साल 2008 में आमिर खान की फिल्म के निर्देशक भी एआर मुरुगादॉस ही थे और फिल्म की कहानी भी हूबहू वैसी ही थी, जो तमिल फिल्म में दिखाई गई थी. इस फिल्म में आमिर के साथ भी असिन और प्रदीप रावत ही मुख्य भूमिकाओं में थे. मुख्य किरदारों में सिर्फ जिया खान इस फिल्म में एक नया चेहरा थीं. फिल्म में संजय सिंघानिया (आमिर खान) एक हमले का हिंसक बदला लेता है, जिसमें उसकी मंगेतर मारी गई थी और उसे भूलने की बीमारी हो गई थी.

विकिपीडिया के अनुसार, शुरुआत में इसका नाम ‘कजरी’ था. आमिर खान और मुरुगादॉस ने मिलकर रीमेक लिखा, जिसमें आमिर ने हिंदी सिनेमा के दर्शकों के स्वाद के हिसाब से बदलाव सुझाए. अल्लू अरविंद, मधु मंटेना और टैगोर मधु ने मिलकर प्रोड्यूसर का काम किया था, जबकि फिल्म को गीता आर्ट्स ने डिस्ट्रीब्यूट किया था. एआर रहमान ने साउंडट्रैक और म्यूजिकल स्कोर बनाया था, जबकि सिनेमैटोग्राफी और एडिटिंग रवि के. चंद्रन और एंथनी ने संभाली थी.

यह फिल्म असिन की हिंदी फिल्म डेब्यू थी, जिसमें उन्होंने ओरिजिनल फिल्म वाला ही रोल किया था. यह फिल्म लोगों को इतनी पसंद आई थी कि यह साल 2008 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली बॉलीवुड फिल्म बनकर उभरी थी. इस फइल्म को बनाने में मेकर्स के लगभग 52 करोड़ रुपये खर्च हुए थे, जबकि वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर इस फिल्म की कुल कमाई 194.58 करोड़ रुपये हुई थी.

वहीं, साल 2005 में आई तमिल फिल्म ‘गजनी’ भी कमाई के मामले में बॉक्स ऑफिस पर तमिल भाषा की एक बड़ी फिल्म बनकर उभरी थी. इस फिल्म को बनाने में मेकर्स ने लगभग 7 करोड़ रुपये खर्च किए थे, जिससे उन्हें काफी मुनाफा हुआ था, क्योंकि वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर इसकी कुल कमाई 50 करोड़ के आसपास रही थी.