गजब का हिसाब है! कानपुर में पार्किंग शुल्क के नाम पर अवैध वसूली, एक दिन का 50 रुपये और महीने का 2700 ले रहा ठेकेदार
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Kanpur Hindi News :कानपुर में पार्किंग शुल्क को लेकर एक बार फिर अव्यवस्था और मनमानी का मामला सामने आया है. जानकारी के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति प्रतिदिन 50 रुपये के हिसाब से 30 दिन तक चार पहिया वाहन पार्क करता है तो कुल शुल्क 1500 रुपये होना चाहिए. इसके बावजूद ठेकेदार एक माह का पास बनवाने पर 2700 रुपये वसूल रहा है. यही नहीं पास की शर्तों और शुल्क की स्पष्ट जानकारी भी आम जनता को नहीं दी जा रही है. इससे वाहन स्वामियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है.
केडीए की पार्किंग में ठेकेदार की मनमानीParking Fees In Kanpur: कानपुर में पार्किंग शुल्क को लेकर एक बार फिर अव्यवस्था और मनमानी का मामला सामने आया है. फूलबाग स्थित मल्टीलेवल कार पार्किंग में तय शुल्क से अधिक वसूली का आरोप ठेकेदार पर लगा है. नियमों के अनुसार चार पहिया वाहन के लिए 24 घंटे का पार्किंग शुल्क 50 रुपये निर्धारित है, लेकिन ठेकेदार महीने के पास के नाम पर 2700 रुपये वसूल रहा है, जो तय गणना से कहीं अधिक है. जानकारी के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति प्रतिदिन 50 रुपये के हिसाब से 30 दिन तक चार पहिया वाहन पार्क करता है तो कुल शुल्क 1500 रुपये होना चाहिए. इसके बावजूद ठेकेदार एक माह का पास बनवाने पर 2700 रुपये वसूल रहा है. यही नहीं पास की शर्तों और शुल्क की स्पष्ट जानकारी भी आम जनता को नहीं दी जा रही है. इससे वाहन स्वामियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है.
इस मामले में जब सूचना का अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी गई, तो केडीए की ओर से सिर्फ एक दिन की पार्किंग शुल्क की जानकारी दी गई. लेकिन महीने के पास को लेकर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया. इससे संदेह और गहरा गया है कि ठेकेदार मनमाने तरीके से शुल्क वसूल रहा है.
24 घंटे तक 50 रुपये शुल्क तय
सूत्रों के अनुसार केडीए ने शहर में जाम से निजात दिलाने के उद्देश्य से फूलबाग, क्रिस्टल पैलेस, केनाल पटरी समेत कई जगहों पर मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण कराया है. इन पार्किंग स्थलों पर दोपहिया और चार पहिया वाहनों के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित है. नियमों के मुताबिक, चार पहिया वाहन के लिए चार घंटे तक 10 रुपये, 24 घंटे तक 50 रुपये शुल्क तय है, जबकि दोपहिया वाहनों के लिए भी निर्धारित दरें हैं. इसके बावजूद मासिक पास की दरों को लेकर कोई स्पष्ट नीति सार्वजनिक नहीं की गई है.
अधिकारियों को नहीं है जानकारी
इस पूरे प्रकरण को लेकर केडीए अधिकारियों का कहना है कि उन्हें इस तरह की जानकारी नहीं है. अधिकारियों ने यह जरूर कहा कि अगर जांच में गलत वसूली की पुष्टि होती है तो ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इसमें जुर्माना, ठेका निरस्त करने और अन्य विभागीय कदम भी उठाए जा सकते है.
मनमानी पर तत्काल रोक लगाई जाए
स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने मांग की है कि पार्किंग शुल्क की दरें सार्वजनिक स्थानों पर स्पष्ट रूप से लिखी जाएं और ठेकेदार की मनमानी पर तत्काल रोक लगाई जाए. लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आम जनता को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा. अब सभी की नजरें जांच और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है.
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काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. अभी लोकल18 यूपी के कॉर्डिनेटर की…और पढ़ें