Bajra roti recipe । सर्दियों में नरम बाजरा रोटी बनाने की आसान रेसिपी
Bajra Roti Recipe: सर्दियों का मौसम आते ही खानपान में भी बदलाव शुरू हो जाता है. इस मौसम में लोग ऐसी चीजें खाना पसंद करते हैं जो शरीर को गर्म रखें, ताकत दें और लंबे समय तक पेट भरा महसूस कराएं. इन्हीं में से एक है बाजरा. बाजरे की रोटी न सिर्फ स्वाद में देसी होती है बल्कि सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद मानी जाती है. इसमें भरपूर फाइबर होता है जो पाचन को दुरुस्त रखता है और ठंड में शरीर को अंदर से गर्म रखने में मदद करता है. लेकिन सच यह भी है कि बहुत सी महिलाएं बाजरे की रोटी बनाने से डरती हैं. वजह साफ है, कभी आटा बेलते समय टूट जाता है तो कभी रोटी तवे पर इतनी कड़क हो जाती है कि खाने में मजा ही नहीं आता. कई बार रोटी फूली ही नहीं और सूखी सी लगने लगती है. ऐसे में मन में यही आता है कि गेहूं की रोटी ही ठीक है. लेकिन अब यह परेशानी खत्म होने वाली है.
यूट्यूब चैनल नीलू की रसोई में बाजरे की रोटी बनाने का एक ऐसा आसान और देसी तरीका बताया गया है, जिससे रोटी फूली फूली, मुलायम और स्वादिष्ट बनती है. इस तरीके में आटे को ठंडे पानी से नहीं बल्कि उबलते पानी में पकाकर स्टीम दी जाती है, जिससे आटे को सही बाइंडिंग और लचीलापन मिल जाता है. यही वजह है कि रोटी न तो टूटती है और न ही कड़ी बनती है.
पानी और फ्लेवर का सही मिश्रण क्यों है जरूरी
अगर आप चाहते हैं कि बाजरे की रोटी सिर्फ नरम ही नहीं बल्कि स्वाद में भी जबरदस्त हो, तो शुरुआत सही तरीके से करनी जरूरी है. सबसे पहले एक कड़ाही गैस पर रखें और उसमें बहुत थोड़ा सा तेल डालें. अब इसमें बारीक कटी हुई मेथी और हरा लहसुन डाल दें. इससे बाजरे की रोटी में हल्की सी खुशबू और देसी स्वाद आ जाता है. सर्दियों में मेथी और हरा लहसुन शरीर के लिए बहुत फायदेमंद माने जाते हैं, इसलिए यह रोटी को और भी हेल्दी बना देते हैं. अगर आप सादी बाजरे की रोटी बनाना चाहते हैं तो इस स्टेप को छोड़ भी सकते हैं. इसके बाद कड़ाही में करीब 2 कप पानी डालें और स्वाद के अनुसार नमक मिलाएं. अब इस पानी को अच्छी तरह उबलने दें.
आटे को गर्म पानी में पकाना है सबसे अहम स्टेप
बाजरे की रोटी को टूटने से बचाने का सबसे बड़ा राज इसी स्टेप में छुपा है. जब पानी अच्छे से उबलने लगे, तब उसमें ढाई कप बाजरे का आटा डाल दें. अब चम्मच या कलछी की मदद से आटे और पानी को लगातार चलाते हुए मिलाएं. इस प्रोसेस में बाजरे का स्टार्च एक्टिव हो जाता है, जिससे आटे में नेचुरल लचीलापन आ जाता है. यही लचीलापन बाद में रोटी को बेलने और सेंकने में मदद करता है. जब आटा सारा पानी सोख ले और गाढ़ा सा दिखने लगे, तब गैस बंद कर दें.
स्टीम और रेस्टिंग का क्या है फायदा
बहुत से लोग यहीं गलती कर देते हैं. आटा मिलाते ही तुरंत गूंथना शुरू कर देते हैं, जबकि सही तरीका यह नहीं है. आटे को थोड़ी देर स्टीम देना बेहद जरूरी होता है. इसके लिए कड़ाही को ढक्कन से ढक दें और करीब 10 मिनट तक ऐसे ही छोड़ दें. इस दौरान भाप की वजह से आटे का हर दाना अच्छे से फूल जाता है और नमी को पूरी तरह सोख लेता है. इससे आटा अंदर तक नरम बनता है. 10 मिनट बाद जब आटा हल्का गुनगुना रह जाए, तब इसे किसी बड़ी परात या थाली में निकाल लें.
आटे को गूंथने का सही और असरदार तरीका
नीलू की रसोई के अनुसार, बाजरे की रोटी की क्वालिटी काफी हद तक इस बात पर निर्भर करती है कि आपने आटे को कितना अच्छे से गूंथा है. गुनगुने आटे को हथेलियों की मदद से कम से कम 4 से 5 मिनट तक अच्छे से मसलें. आटे को आगे पीछे दबाते हुए गूंथें. जितना ज्यादा आप आटे को मसलेंगे, उसमें उतना ही अच्छा बाइंडिंग आएगा. सही तरह से गूंथा हुआ आटा एकदम चिकना और नरम हो जाता है. ऐसा आटा बेलते समय किनारों से फटता नहीं और रोटी गोल बनती है.
बेलने और सेंकने की खास तकनीक
अब आटे की बराबर साइज की लोइयां बना लें. एक लोई लें और हल्के हाथ से गोल बेल लें. बाजरे की रोटी को तवे पर डालने से पहले उसकी एक साइड पर हल्का सा पानी लगा दें. अब पानी वाली साइड को नीचे की तरफ रखते हुए तवे पर डालें. जब रोटी नीचे से सिक जाए, तो उसे पलट दें. दूसरी तरफ से सेंकते समय चम्मच या सूती कपड़े से हल्का दबाव दें. ऐसा करने से रोटी अंदर से भाप बनाकर गुब्बारे की तरह फूल जाती है और पूरी तरह पक जाती है. इस तरीके से बनी रोटी न सिर्फ फूली फूली होती है बल्कि लंबे समय तक नरम भी रहती है.