84 गेंद में 190 रन आम बात नहीं, यह रिकॉर्ड है! खेल प्रेमियों ने वैभव सूर्यवंशी के शतक पर कहीं बड़ी बातें
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विजय हजारे ट्रॉफी में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ खेलते हुए वैभव ने महज 36 गेंदों में शतक जड़कर इतिहास रच दिया. यही नहीं, उन्होंने 84 गेंदों में 190 रनों की विस्फोटक पारी खेली. इस उपलब्धि के साथ वैभव लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले दुनिया के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं.
समस्तीपुर. समस्तीपुर जिले के होनहार क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर अपने बल्ले से ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसने जिले से लेकर देशभर के क्रिकेट प्रेमियों को गर्व से भर दिया है. विजय हजारे ट्रॉफी में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ खेलते हुए वैभव ने महज 36 गेंदों में शतक जड़कर इतिहास रच दिया. यही नहीं, उन्होंने 84 गेंदों में 190 रनों की विस्फोटक पारी खेली. इस ऐतिहासिक पारी के बाद समस्तीपुर में जश्न का माहौल है और हर कोई वैभव की तारीफ करते नहीं थक रहा है.
बिहार की ओर से खेल रहे 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने रांची के जेएससीए ओवल ग्राउंड में खेले गए विजय हजारे ट्रॉफी के प्लेट ग्रुप मैच में यह उपलब्धि हासिल की. उन्होंने पाकिस्तान के जहूर इलाही का 39 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया. वैभव ने अपनी पारी में 16 चौके और 15 छक्के लगाए और 12वें ओवर की पहली गेंद पर एक रन लेकर अपना शतक पूरा किया. खास बात यह रही कि उन्होंने सबसे तेज 150 रन बनाने के मामले में साउथ अफ्रीका के एबी डिविलियर्स और इंग्लैंड के जोस बटलर जैसे दिग्गजों को भी पीछे छोड़ दिया. वैभव बिहार टीम के उपकप्तान हैं और पहले ही आईपीएल में शतक जड़कर अपनी पहचान बना चुके हैं.
हमने बचपन से देखा, आज जिला रोशन कर दिया
वैभव की इस ऐतिहासिक पारी पर समस्तीपुर के खेल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला. स्थानीय खेल प्रेमी रमेश कुमार ने कहा, मैं वैभव को बचपन से जानता हूं. शुरू से ही उसके खेल पर नजर रखता था. आज वही बच्चा पूरे समस्तीपुर और बिहार का नाम रोशन कर रहा है. उन्होंने आगे कहा, 84 गेंदों में 190 रन बनाना कोई आम संघर्ष नहीं, यह एक बड़ा रिकॉर्ड है. मैं साउथ अफ्रीका में लंबे समय तक रहा हूं और वहां आईपीएल के दौरान जब वैभव को खेलते देखा, तो समस्तीपुर के लोग जश्न मनाते थे. हमें पूरा भरोसा है कि आगे चलकर वैभव देश के लिए भी बड़ा नाम करेगा.
वैभव बिहार का भविष्य है, उसकी तुलना किसी से नहीं
युवा खिलाड़ी और खेल से जुड़े अमरजीत कुमार ने वैभव को बिहार का भविष्य बताया है. उन्होंने कहा, विजय हजारे ट्रॉफी में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ वैभव का प्रदर्शन देखकर हम गदगद हो गए. इतनी कम उम्र में ऐसा आत्मविश्वास और आक्रामक खेल बहुत कम देखने को मिलता है. जब उनसे तुलना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने साफ कहा, फिलहाल वैभव की तुलना किसी से नहीं की जा सकती. उसका अपना अलग कॉन्सेप्ट है, अलग स्टाइल है. वह किसी को फॉलो नहीं कर रहा, बल्कि खुद एक पहचान बना रहा है. उन्होंने कहा कि समस्तीपुर के लिए यह गर्व की बात है कि इतना छोटा खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर की छाप छोड़ रहा है.
उम्र से नहीं, हौसले से खिलाड़ी पहचाने जाते हैं
करीब 55 वर्षीय हरेंद्र महतो ने भावुक होते हुए कहा, भले ही मेरी उम्र ज्यादा है, लेकिन मैं टीवी पर वैभव को लगातार देखता हूं. जब अपने जिले का लाल देश-दुनिया में नाम कमाता है, तो सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है.
वहीं युवा खेल प्रेमी रंजन कुमार ने कहा, वैभव सिर्फ एक अच्छा खिलाड़ी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा है. हाल ही में भारत-पाकिस्तान मैच हो या इंग्लैंड में प्रदर्शन, हर जगह उसने अपनी काबिलियत साबित की है. उन्होंने उम्मीद जताई कि 2026 तक वैभव अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में देश का प्रतिनिधित्व करेगा. आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स की ओर से भी उसने शानदार खेल दिखाया है. उसकी मेहनत से आज कई युवा क्रिकेट की ओर प्रेरित हो रहे हैं.
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