काजू कतली.. गुलाब जामुन भी है इसके आगे फीकी! घर पर तैयार करें मूंग दाल का हलवा, भूल जाएंगे महंगी से महंगी मिठाई – Jharkhand News
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Moong Dal Halwa Recipe: सर्दी के मौसम में मीठा खाने का मन बार-बार करता है. लोग इस मौसम में ज्यादा मीठा खाना पसंद भी करते है. ठंड के दिनों में शरीर को ज्यादा ऊर्जा की जरूरत होती है, ऐसे में मिठाइयों की क्रेविंग बढ़ना स्वाभाविक है. इसलिए आज आपको मूंग दाल हलवे की रेसिपी बताने जा रहे हैं जो खाने में काफी स्वादिष्ट लगता है.

हालांकि, बाजार की मिठाइयों में अधिक चीनी और मिलावट सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है. ऐसे में घर पर बना पारंपरिक और पौष्टिक मूंग दाल का हलवा एक बेहतरीन विकल्प है, जो स्वाद के साथ-साथ शरीर को गर्माहट भी देता है.

पलामू जिले की किचन एक्सपर्ट शर्मीला सुमी ने बताया कि मूंग दाल का हलवा उत्तर भारत की लोकप्रिय पारंपरिक मिठाइयों में से एक है. यह स्वाद में जितना लाजवाब होता है, उतना ही पौष्टिक भी. इसमें प्रोटीन, घी की ऊर्जा और मेवों के पोषक तत्व भरपूर होते हैं, जो सर्दियों में शरीर को ताकत देने का काम करते हैं.

उन्होंने आगे कहा कि हलवा बनाने के लिए सबसे पहले मूंग की दाल को 4–5 घंटे तक पानी में भिगोकर रखें. इसके बाद दाल का सारा पानी निकाल दें. अब मिक्सी में बिना पानी डाले दाल को दरदरा पीस लें. ध्यान रखें कि पेस्ट न ज्यादा बारीक हो और न ही पानी जैसा, तभी हलवे की सही बनावट आएगी.
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उन्होंने कहा कि एक भारी तले की कड़ाही में घी गरम करें. सबसे पहले थोड़ी सूजी और बेसन डालकर हल्का सा भून लें. इससे हलवे में दानेदार टेक्सचर आता है और दाल कड़ाही में चिपकती नहीं. इसके बाद पिसी हुई दाल डालें और धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए भूनें.

आगे कहा कि शुरुआत में दाल पूरा घी सोख लेगी, लेकिन जैसे-जैसे यह पकती जाएगी, खुशबू आने लगेगी और रंग सुनहरा होने लगेगा. करीब 20 से 25 मिनट में दाल घी छोड़ने लगेगी. यही संकेत है कि भुनाई सही दिशा में जा रही है.

आगे कहा कि जब दाल अच्छी तरह भुन जाए, तब धीरे-धीरे दूध डालें और साथ-साथ चलाते रहें ताकि गांठें न बनें. इसके बाद केसर वाला दूध डालकर पकाएं. दूध सूखने तक हलवे को धीमी आंच पर पकने दें.

उन्होंने आगे कहा कि दूध सूख जाने के बाद चीनी और इलायची पाउडर डालें. चीनी पिघलने पर हलवा थोड़ा ढीला हो जाएगा, लेकिन घबराएं नहीं. कुछ देर पकाने के बाद जब घी किनारों से अलग दिखने लगे, तब हलवा पूरी तरह तैयार हो जाता है.

उन्होंने कहा कि मूंग दाल का हलवा हमेशा लोहे या पीतल की भारी कड़ाही में बनाएं. इससे दाल जलती नहीं और भुनाई समान रूप से होती है. ऊपर से कटे हुए मेवे डालकर गरमा-गरम परोसें. ठंडी सर्दियों में यह हलवा न सिर्फ स्वाद बढ़ाता है, बल्कि सेहत का भी पूरा ध्यान रखता है.