हमें मार देगा मैडम बचा लीजिए… कुलदीप सेंगर की बेल पर बिलख पड़ी रेप पीड़िता की मां
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लखनऊः उन्नाव रेप कांड के दोषी कुलदीप सेंगर को जमानत मिलने के बाद पीड़िता की मां को डर लगने लगा है. डर अपनी जान की नहीं अपने बेटों की जान का डर है. पीड़िता की मां बार-बार बस यही गुहार लगा रही है कि कैसे भी करके कुलदीप सेंगर की जमानत को खारिज किया जाए. कुलदीप सेंगर का खौफ परिवार को इस कदर सता रहा है कि जब न्यूज18 ने पीड़िता की मां से बात की तो बस वह एक बात कह रही थीं की उनको खतरा है. पीड़िता की मां ने न्यूज 18 से क्या-क्या कहा, सुनिए उन्हीं की जुबानी…
पीड़िता की मां की सुरक्षा की गुहार.‘हम इंडिया गेट गए तो पुलिसवाले ने धक्का मारकर बोला की यहां धरना प्रदर्शन नहीं करने देंगे. हम अपनी न्याय की गुहार लगा रहे हैं. हमारे चोट भी लगी है. पुलिस वाले हमको खींच-खींचकर लाद रहे हैं. हमको बंदी बनाकर रख रहे हैं. पुलिस वाले ने दारू पी रखा था. मैम हम यही चाहते हैं की हमको सुप्रीम कोर्ट से न्याय मिलेगा. हमको हाईकोर्ट न्यायालय ने न्याय नहीं दिया है. जब बहस होती थी तो मैं बोलती थी तो जज साहब कहते थे की मैडम आपो बोलोगी तो हम आपको जेल में डाल दूंगा. मैडम हमको निचली अदालत से न्याय मिला था. तीस हजारी कोर्ट से न्याय मिला था. हम नहीं चाहते थे की कुलदीप सेंगर को आजीवन कारावास से बरी किया जाए. मैडम मेरा पूरा परिवार खत्म हो गया. मैडम इनको बाहर नहीं निकलने देना मैडम.’
‘मेरे पास कुछ नहीं बचा मैडम’
‘इनकी मौसी बोल रही हैं कि मेरा बेटा आएगा. इनका एक बेटा मरेगा तो ये दर्द जानेंगी. इनकी बहू विधवा हो जाए. मैडम मेरे को बहुत खतरा है. आप इनकी बेल खारिज कराइए पूरी देश से. पूरे न्यूज वाले से. देश से विदेश से. मेरी बात वहां तक पहुंचाई जाए, इनकी बेल खारिज कराई जाए. नहीं तो हम अपना जान दे देंगे सारे बच्चे मिलकर के. हम घर वापस नहीं जाएंगे. मेरा परिवार खो गया मैडम. मेरे पास कुछ भी नहीं बचा है मैडम. मेरे देवर के बेटे को सुरक्षा दी जाए. मेरा देवर पहले से जेल में है. इनको बेल ना दी जाए मैडम. मेरे बेटों को सिक्योरिटी दीजिए मैडम, तभी हम लोग सेफ रहेंगे. इनको वरना बाहर नहीं निकलने देना. मंगलवार को मुझे पुलिस वाले धरने से उठाकर ले गए और थाने ले जा रहे थे. लेकिन मेरे साथ मैडम थीं तो इन्होंने मुझे बचा लिया.’
कुलदीप को कैसे मिली जमानत?
दिल्ली उच्च न्यायालय ने उन्नाव बलात्कार मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे भाजपा से निष्कासित कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा मंगलवार को निलंबित कर दी. अदालत ने कहा कि वह पहले ही सात साल, पांच महीने जेल में बिता चुका है. उच्च न्यायालय ने बलात्कार मामले में दोषसिद्धि और सजा के खिलाफ अपील लंबित रहने तक सेंगर की सजा पर रोक लगाई है.
‘अभी जेल में ही रहेगा कुलदीप’
सेंगर ने दिसंबर 2019 के निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी थी. हालांकि, वह जेल में ही रहेगा क्योंकि वह पीड़िता के पिता की हिरासत में हुई मौत के मामले में 10 साल की सजा भी काट रहा है और उस मामले में उसे जमानत नहीं मिली है. न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद और न्यायमूर्ति हरीश वैद्यनाथन शंकर ने 15 लाख रुपये के निजी मुचलके और इतने की ही तीन जमानत राशियां जमा करने का निर्देश देकर सेंगर को जमानत दे दी.
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प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें