तीखे खाने के शौकीन? जरूर ट्राई करें यह Rajasthani मसालेदार टमाटर की चटनी, 10–12 दिन तक नहीं होती खराब!

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क्या आपने कभी ऐसा चटनी का स्वाद चखा है, जो साधारण खाने को भी यादगार बना दे? राजस्थान की मारवाड़ी लहसुन की चटनी कुछ ऐसा ही जादू करती है. खट्टी-तीखी और हल्की झनझनाती, यह चटनी बाजरे की रोटी, दाल-बाटी या सादे खाने का स्वाद दोगुना कर देती है. लहसुन और लाल मिर्च की खुशबू, देसी मसालों का तड़का और लंबे समय तक टिकने वाली इसकी खासियत हर थाली को कुछ खास बना देती है.

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मारवाड़ी लहसुन की चटनी राजस्थान के देसी स्वाद की खास पहचान है. यह चटनी खट्टी, तीखी और हल्की सी झनझनाती होती है, जो साधारण से खाने को भी यादगार बना देती है. चाहे बाजरे की रोटी हो या दाल-बाटी, एक चम्मच चटनी खाने का पूरा स्वाद ही बदल देती है. इसमें लहसुन और लाल मिर्च की तेज़ खुशबू हर बाइट को और भी मज़ेदार बना देती है.

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इस चटनी की सबसे बड़ी खासियत इसका देसी अंदाज और लंबे समय तक टिकना है. एक बार बना ली जाए तो यह 10–12 दिन तक फ्रिज में सुरक्षित रखी जा सकती है, और स्वाद में कोई कमी नहीं आती. चाहे घर आए मेहमान हों या रोज़ का खाना, यह चटनी हर बार खाने का स्वाद दोगुना कर देती है.

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इस चटनी बनाने के लिए ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती. लहसुन, प्याज़, टमाटर और साबुत लाल मिर्च इसका मुख्य आधार हैं. इसके साथ हल्दी, धनिया, अमचूर और थोड़ा जीरा स्वाद को संतुलित करते हैं. तेल की मात्रा थोड़ी अधिक होने से चटनी लंबे समय तक सुरक्षित रहती है और इसका रंग व स्वाद दोनों बनाए रहते हैं.

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असली स्वाद तभी आता है जब लहसुन सिलबट्टे पर पिसा हो. आधा लहसुन दरदरा और आधा महीन पीसने से चटनी में एक खास टेक्सचर और स्वाद आता है. लाल मिर्च को पहले भिगो देने से वह आसानी से पिस जाती है और तीखापन भी संतुलित रहता है, जिससे चटनी ज्यादा तीखी नहीं होती.

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प्याज़, टमाटर और लाल मिर्च का पेस्ट चटनी का बेस बनाता है. तेल में पहले प्याज़ भूनने से उसमें प्राकृतिक मिठास आ जाती है. इसके बाद लहसुन डालने से खुशबू फैलती है. मसालों को अच्छे से भूनना बहुत जरूरी है, तभी चटनी में कच्चापन नहीं रहता और उसका रंग भी गहरा और आकर्षक बन जाता है.

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मसाले डालने के बाद चटनी को धीमी आंच पर पकाना चाहिए. बीच-बीच में चलाते रहें ताकि तले में न लगे. जब तेल ऊपर दिखाई देने लगे, तो समझ जाएं कि चटनी तैयार है. ढक्कन लगाकर थोड़ा दम देने से सारे स्वाद अच्छे से मिल जाते हैं और चटनी और भी मज़ेदार बन जाती है.

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मारवाड़ी लहसुन की चटनी बाजरे की रोटी, दाल-बाटी, पराठे या सादे चावल के साथ खूब स्वाद बढ़ाती है. इसे हमेशा साफ चम्मच से निकालें ताकि जल्दी खराब न हो. फ्रिज में रखने पर यह कई दिनों तक टिकती है और हर बार वही तीखा, देसी स्वाद देती है.

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तीखे खाने के शौकीन… जानें Rajasthani टमाटर की चटनी क्यों है खास? ये है रेसिपी

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