‘तुम्हारा पैसा आतंकवादी गतिविधि में हुआ है’, फ्रॉड ने ऐसा किया ब्रेन वॉश, शख्स ने खुद ही ट्रांसफर कर दिए 41 लाख

Share to your loved once


चित्रकूट: डिजिटल इंडिया का सपना जहां एक ओर लोगों की जिंदगी आसान बना रहा है, वहीं दूसरी ओर यही डिजिटल दुनिया साइबर ठगों के लिए शिकारगाह बनती जा रही है. ठगी के तरीके इतने शातिर हो चुके हैं कि पढ़े-लिखे, अनुभवी और जिम्मेदार पदों से रिटायर हो चुके अधिकारी भी इनके जाल से खुद को नहीं बचा पा रहे हैं. वहीं ताजा मामला यूपी के चित्रकूट जिले से सामने आया है, जहां विद्युत विभाग के एक सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता को आतंकवाद के नाम पर ऐसा डराया गया कि उन्होंने खुद अपने खाते से लाखों रुपये साइबर ठगों को ट्रांसफर कर दिए हैं.

जानें क्या है पूरा मामला 

जानकारी के लिए बता दें कि यह सनसनीखेज मामला पहाड़ी थाना क्षेत्र के प्रसिद्धपुर गांव का है, जहां रहने वाले घनश्याम बाबू सिंह जो विद्युत विभाग में अधिशासी अभियंता के पद से वर्ष 2015 में सेवानिवृत्त हुए थे. पिछले दो साल से अपने गांव में शांत जीवन बिता रहे थे, लेकिन 9 दिसंबर 2025 को आई एक फोन कॉल ने उनकी जिंदगी में भूचाल ला दिया था. फोन करने वाले ने खुद को पुणे कमिश्नरेट का हेड कॉन्स्टेबल रणजीत कुमार बताया और कहा कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल कर एचडीएफसी बैंक में खाता खोला गया है, जिससे आतंकवादी गतिविधियों के लिए पैसों का लेन-देन हुआ है.

जानें कैसे शुरू हुआ डिजिटल अरेस्ट का डरावना खेल

जानकारी के अनुसार, घनश्याम सिंह को डराने के लिए कॉल को एटीएस और फिर एनआईए तक ले जाया गया है. कथित एटीएस इंस्पेक्टर शिवकुमार पांडेय ने बताया कि अफजल खान नाम के एक आतंकवादी ने एनआईए कोर्ट में बयान दिया है कि उसे 70 लाख रुपये मिले हैं, जिनकी जांच चल रही है. यह भी कहा गया कि अब तक 200 से ज्यादा लोग पकड़े जा चुके हैं और अगला नंबर उनका हो सकता है. गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्हें लगातार वीडियो और ऑडियो कॉल पर रहने को कहा गया और सख्त हिदायत दी गई कि परिवार के किसी सदस्य को इसकी जानकारी न दें.

जानें कैसे हुआ पैसा ट्रांसफर

वहीं डर के माहौल में जी रहे घनश्याम सिंह ने ठगों के कहने पर अपनी चल-अचल संपत्ति, बैंक खाते और एफडी तक की जानकारी साइबर ठगों को दे डाली. जांच के नाम पर पहले पंजाब एंड सिंध बैंक शाखा से 40 लाख रुपये ट्रांसफर कराए गए. इसके बाद फाइल क्लियरेंस और जांच प्रक्रिया के नाम पर 1 लाख 49 हजार रुपये और निकलवा लिए गए. ठग इतने शातिर थे कि हर कदम पर कानून का डर दिखाकर पीड़ित को मानसिक रूप से पूरी तरह अपने कब्जे में कर लिए थे. ठगी का खुलासा तब हुआ जब घनश्याम सिंह के बेटे विजय कुमार बैंक में पासबुक की एंट्री कराने पहुंचे. खाते में रकम न देखकर वह हैरान रह गए और पूछताछ पर जब सच्चाई सामने आई तो उनके होश उड़ गए.

एसपी ने लोगों को के लिए कही ये बात 

वहीं इस संबंध में पुलिस अधीक्षक चित्रकूट अरुण कुमार सिंह ने बताया कि साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर कुल 41.49 लाख रुपये की ठगी की है. परिजनों की सूचना पर पहाड़ी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल पर खुद को पुलिस, एटीएस, सीबीआई या एनआईए बताने वालों की बातों में न आएं. इस तरह के कई फ्रॉड कॉल कई लोगों के पास आ रहे हैं, जिनसे सावधान रहने की जरूरत है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP