कानपुर में 75 करोड़ की लागत से बनेगा सिटी फॉरेस्ट, 10 लाख लोगों को मिलेगा फायदा, जानिए खासियत
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Kanpur news: कानपुर में पहली बार 100 एकड़ में सिटी फॉरेस्ट बनेगा. केडीए की 75 करोड़ की इस योजना से जोन-2 के करीब 10 लाख लोगों को फायदा होगा. मकसूदाबाद में बनने वाले इस फॉरेस्ट में वॉकिंग ट्रैक, बच्चों का मैदान और घना हरित क्षेत्र विकसित किया जाएगा.
कानपुर शहर के लोगों को अब खुली हवा, हरियाली और सुकून भरे माहौल का तोहफा मिलने जा रहा है. कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) पहली बार शहर में सिटी फॉरेस्ट बनाने जा रहा है. यह सिटी फॉरेस्ट जोन-2 के मकसूदाबाद इलाके में तैयार होगा. करीब 100 एकड़ जमीन पर बनने वाले इस बड़े प्रोजेक्ट पर लगभग 75 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इस योजना से जोन-2 में रहने वाली लगभग 10 लाख की आबादी को सीधा लाभ मिलेगा. केडीए की ओर से इस प्रोजेक्ट की डीपीआर और प्रस्ताव से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं.अधिकारियों के अनुसार, यह सिटी फॉरेस्ट शहर के विस्तार और सुंदरीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम होगा.
महावीर नगर, शताब्दी नगर और जवाहरपुरम को होगा खास फायदा
मकसूदाबाद में बनने वाले इस सिटी फॉरेस्ट का सबसे ज्यादा फायदा आसपास की केडीए योजनाओं को मिलेगा. खासतौर पर महावीर नगर, शताब्दी नगर और जवाहरपुरम में रहने वाले लोगों के लिए यह सिटी फॉरेस्ट किसी वरदान से कम नहीं होगा. इन कॉलोनियों के लोग रोजाना यहां आकर टहल सकेंगे, बच्चों के साथ समय बिता सकेंगे और शुद्ध हवा का आनंद ले सकेंगे. केडीए अधिकारियों का कहना है कि सिटी फॉरेस्ट को इस तरह विकसित किया जाएगा कि यह सिर्फ पार्क न होकर एक प्राकृतिक हरित क्षेत्र बने, जहां हर उम्र के लोग खुद को जुड़ा महसूस करें.
वॉकिंग ट्रैक, बच्चों का मैदान और घना हरित क्षेत्र
इस सिटी फॉरेस्ट में आमजन के लिए खास वॉकिंग ट्रैक बनाया जाएगा, जहां लोग सुबह-शाम टहल सकेंगे.बच्चों के लिए खेलकूद का अलग मैदान होगा, ताकि वे खुलकर खेल सकें.पूरे क्षेत्र में बड़ी संख्या में घने और हरे-भरे पौधे लगाए जाएंगे, जिससे यह इलाका पूरी तरह प्राकृतिक जंगल जैसा महसूस हो. सिटी फॉरेस्ट बनने के बाद आसपास का वातावरण भी काफी बेहतर हो जाएगा.शहर में धूल, धुएं और प्रदूषण को लेकर जो शिकायतें अक्सर सामने आती हैं, उनमें भी कमी आने की उम्मीद है.हरियाली बढ़ने से तापमान संतुलित रहेगा और लोगों को साफ हवा मिलेगी.
उत्तर में मोतीझील, दक्षिण में संजय वन के बाद नया विकल्प
फिलहाल कानपुर के उत्तर हिस्से में लोग मोतीझील और दक्षिण दिशा में संजय वन जैसे पार्कों में घूमने जाते हैं. अब मकसूदाबाद में बनने वाला यह सिटी फॉरेस्ट शहर के बीचोंबीच एक नया और बड़ा विकल्प बनेगा.इससे लोगों को दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और स्थानीय स्तर पर ही बेहतर पार्क की सुविधा मिल सकेगी. केडीए का यह सिटी फॉरेस्ट प्रोजेक्ट कानपुर शहर के लिए हरियाली, स्वास्थ्य और बेहतर जीवनशैली की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है.
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पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ें