बिना प्याज, कम मसाले में जबरदस्त स्वाद! छत्तीसगढ़िया आलू-मटर-पालक सब्जी की देसी रेसिपी – Chhattisgarh News
Food Story : छत्तीसगढ़ की पारंपरिक रसोई अपने सादे लेकिन लाजवाब स्वाद के लिए जानी जाती है. यहां कई ऐसी रेसिपी प्रचलित हैं, जो बिना प्याज और ज्यादा मसालों के भी बेहद स्वादिष्ट बनती हैं. ऐसी ही एक खास घरेलू रेसिपी अन्नू बंदे ने साझा की है, जिसमें आलू, मटर और पालक का बेहतरीन मेल देखने को मिलता है. देसी तड़के, ताजे साग और सीमित मसालों के साथ बनने वाली यह सब्जी न सिर्फ सेहत के लिए फायदेमंद है, बल्कि व्रत, सात्विक भोजन और रोजमर्रा के खाने के लिए भी एक उत्तम विकल्प मानी जाती है.
छत्तीसगढ़िया रसोई की सादगी और पहचान
छत्तीसगढ़ में बनने वाले पारंपरिक व्यंजनों की खासियत यह है कि इनमें स्थानीय सामग्री और आसान तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है. बिना प्याज के बनने वाली यह सब्जी भी उसी परंपरा को दर्शाती है, जहां स्वाद के साथ पौष्टिकता को प्राथमिकता दी जाती है.
सब्जी की तैयारी की शुरुआत
सब्जी बनाने के लिए सबसे पहले पालक भाजी को अच्छी तरह पानी से धोकर साफ किया जाता है और फिर बारीक काट लिया जाता है. इसके बाद मटर को छीलकर अलग रख लिया जाता है. आलू को भी काटकर पानी से धोकर साफ कर लिया जाता है फिर लहसुन और सूखी लाल मिर्च को धोकर तैयार किया जाता है, ताकि पकाने के दौरान तड़का डालने में आसानी हो.
देसी तड़के से आती है खास खुशबू
एक कढ़ाई में तेल गर्म किया जाता है. तेल गरम होते ही उसमें सूखी लाल मिर्च और लहसुन डालकर देसी तड़का लगाया जाता है. इसके बाद कटे हुए आलू डालकर अच्छी तरह भून लिया जाता है, जिससे आलू का स्वाद निखर कर आता है.
मटर और पालक से बढ़ता पोषण
जब आलू हल्के पक जाएं, तब उसमें मटर डालकर अच्छे से चलाया जाता है. इसके बाद ऊपर से कटी हुई पालक भाजी डाल दी जाती है और सब्जी को धीमी आंच पर नरम होने तक पकाया जाता है. इससे पालक का रंग और पोषक तत्व दोनों सुरक्षित रहते हैं.
मसालों का संतुलित इस्तेमाल
सब्जी में स्वाद अनुसार नमक डाला जाता है और फिर कटे हुए टमाटर डालकर कुछ देर के लिए ढक दिया जाता है. जब सब्जी अच्छी तरह नरम हो जाए, तब उसमें मिर्च पाउडर, हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर और थोड़ा सा गरम मसाला मिलाकर 5 से 7 मिनट तक पकाया जाता है.
रोटी और चावल के साथ लाजवाब स्वाद
कुछ ही मिनटों में आलू-मटर-पालक की यह बिना प्याज वाली छत्तीसगढ़िया सब्जी बनकर तैयार हो जाती है. रोटी, पराठा या सादे चावल के साथ इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है. अन्नू बंदे द्वारा बताई गई यह रेसिपी आज के समय में सादा, सात्विक और सेहतमंद भोजन पसंद करने वालों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है.