अयोध्या के इस पार्क में लगाई गई कोरियन रानी की प्रतिमा, यहां से बहुत पुराना रिश्ता, जानें पूरा प्लान

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Queen Ho Memorial Park Ayodhya : अयोध्या और दक्षिण कोरिया के ऐतिहासिक रिश्तों को वैश्विक मंच पर नया आयाम देने के लिए इस परियोजना को आकार दिया गया है. सरयू तट पर करीब दो हजार वर्गमीटर क्षेत्र में फैला यह अनोखा स्मारक अब पूरी तरह बनकर तैयार है. इस कदम से भारत और कोरिया के बीच सांस्कृतिक संबंध और मजबूत भी होंगे. कोरियन डेलिगेशन के फीडबैक और वहां के लोगों से बातचीत के बाद अब यहां रानी हो की प्रतिमा लगाई गई है.

अयोध्या. रामनगरी आने वाले श्रद्धालुओं को योगी सरकार की एक और सौगात मिलने जा रही है. लंबे समय से रानी हो पार्क में श्रद्धालुओं और पर्यटक का आवागमन उतना ज्यादा नहीं था जितना होना चाहिए. योगी सरकार के दूरदर्शी विजन के तहत सरयू नदी के किनारे निर्मित क्वीन हो मेमोरियल पार्क में 24 दिसंबर को ऐतिहासिक क्षण साकार होने जा रहा है. इस दिन दक्षिण कोरिया की रानी हो की 12 फीट ऊंची प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया जाएगा. करीब 21 करोड़ रुपये की लागत से तैयार ये अंतरराष्ट्रीय स्मारक भारत और दक्षिण कोरिया के सदियों पुराने सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को नई पहचान देने वाला है. अयोध्या और दक्षिण कोरिया के ऐतिहासिक रिश्तों को वैश्विक मंच पर स्थापित करने के उद्देश्य से इस परियोजना को आकार दिया गया है.

क्या-क्या खास

सरयू तट पर करीब दो हजार वर्गमीटर क्षेत्र में फैला यह स्मारक अब पूरी तरह तैयार है. 24 दिसंबर को होने वाले प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम में दक्षिण कोरिया की राज्य महिषी सहित कई शीर्ष प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है. कार्यक्रम के दौरान इंडो-कोरियन फेस्ट का भी आयोजन प्रस्तावित है, जिसके माध्यम से दोनों देशों की सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पेश किया जाएगा. सरयू नदी के तट पर विकसित इस पार्क में प्रदर्शनी कक्ष के माध्यम से रानी हो की यात्रा और जीवन गाथा को जीवंत रूप में पेश किया गया है. विशाल सरोवर और उस पर बना आकर्षक सेतु, मेडिटेशन हॉल, किंग और क्वीन पवेलियन, फाउंटेन, ओपन एयर थिएटर, व्यापक लैंडस्केपिंग और पर्याप्त पार्किंग जैसी सुविधाएं पार्क को विशेष बनाती हैं. ग्रेनाइट से निर्मित गोल्डन एग का प्रतीक रानी हो की समुद्री यात्रा को दर्शाता है.

कितनी ऊंची, कितना वजन

रानी हो पार्क की कोऑर्डिनेटर वंदना शर्मा ने बताया कि रानी हो की प्रतिमा 12 फीट ऊंची है, जिसे मैटेलिक कलर में बनाया गया है. जो मेटल कोरिया में इस्तेमाल होता है, उसी मेटल से रानी हो की प्रतिमा बनाई गई है. प्रतिमा का वजन लगभग 1300 किलोग्राम है. बीते दिनों जब कोरिया का डेलिगेशन अयोध्या आया था, तो उसने इस पार्क में कोरियन संस्कृति को विकसित करने का एक प्रस्ताव दिया था. इस पार्क में अभी तक किसी भी क्वीन की प्रतिमा नहीं है. ऐसे में भारत और अयोध्या में लोगों को यह पता चले की रानी हो, कैसे दिखती थी. हुबहू उसी तरह की प्रतिमा इस पार्क में लगाई गई है. कोरियन डेलिगेशन के फीडबैक और वहां के लोगों से बातचीत करने के बाद अब यहां रानी हो की प्रतिमा लगाई जा रही है. इस पार्क में तीन छोटे-छोटे प्रतिमा और लगाई गई हैं, जो दक्षिण कोरिया के जीजू आईलैंड से प्रेरित हैं.

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Priyanshu Gupta

Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें

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