Perfect Poha Recipe । नरम और स्वादिष्ट पोहा बनाने के आसान टिप्स
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How to Make Moist Poha Recipe: अगर पोहा सूखा और बिखरा हुआ बनता है, तो गलती मसालों में नहीं बल्कि उसे धोने और रेस्ट देने के तरीके में होती है. पोहा को हल्का धोकर कुछ मिनट रेस्ट देने और पकाते समय भाप का सही इस्तेमाल करने से हर बार सॉफ्ट, मॉइश्चर वाला और स्वादिष्ट पोहा बनाया जा सकता है.

Perfect Poha Recipe: पोहा भारत के सबसे पसंदीदा और भरोसेमंद ब्रेकफास्ट में से एक है. जल्दी बन जाता है, पेट पर हल्का रहता है और स्वाद भी जबरदस्त होता है. लेकिन सच्चाई यह है कि बहुत से लोगों का पोहा हर बार वैसा नहीं बन पाता जैसा ढाबों या इंदौर की गलियों में मिलता है. कई बार सब कुछ सही करने के बावजूद पोहा सूखा, बिखरा हुआ और फीका सा निकल आता है. प्याज डाला, मूंगफली डाली, नींबू भी निचोड़ा, फिर भी वो बात नहीं बनती. अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो समझ लीजिए दिक्कत मसालों या तेल में नहीं, बल्कि पोहा को हैंडल करने के तरीके में है.

अक्सर हम सोचते हैं कि ज्यादा तेल डाल देंगे तो पोहा सॉफ्ट बनेगा, या ज्यादा पानी डालने से नमी आ जाएगी. लेकिन यही सोच पोहा को और खराब कर देती है. असल में परफेक्ट पोहा का राज पकाने में नहीं, बल्कि उसे धोने, भिगोने और रेस्ट देने के सही तरीके में छिपा होता है. पोहा एक नाजुक चीज है. इसे ज्यादा छेड़ा गया तो यह टूट जाता है, और कम ध्यान दिया गया तो सूखा रह जाता है. सही टेक्सचर के लिए नमी, तापमान और टाइमिंग तीनों का संतुलन बहुत जरूरी है. जब यह बैलेंस बन जाता है, तब पोहा अपने आप नरम, फूला हुआ और स्वाद से भरपूर बनता है.<br />सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि पोहा सूखा क्यों बनता है.

कई लोग पोहा को बहुत जोर से धोते हैं या उसे पानी में भिगोकर छोड़ देते हैं. इससे पोहा या तो ज्यादा गीला होकर चिपक जाता है या फिर पानी सही तरह से सोख नहीं पाता. कुछ लोग पोहा को बिना धोए सीधे कढ़ाही में डाल देते हैं, जिससे वह सख्त और रूखा रह जाता है. वहीं कुछ लोग पोहा को ज्यादा देर तक गैस पर पकाते रहते हैं, जबकि पोहा को असल में पकाने की जरूरत ही नहीं होती. ज्यादा पकाने से उसकी नमी उड़ जाती है और वह बिखरने लगता है.
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अब बात करते हैं उस आसान ट्रिक की, जो हर बार पोहा को सॉफ्ट और मॉइश्चर वाला बना देती है. सबसे जरूरी स्टेप है पोहा को सही तरह से धोना और उसे रेस्ट देना. पोहा को कभी भी पानी में डुबोकर नहीं भिगोना चाहिए. सही तरीका यह है कि पोहा को एक छलनी में डालें और उसके ऊपर से ठंडा पानी हल्के हाथों से बहाएं. बस इतना कि हर दाना थोड़ा सा गीला हो जाए. इसके बाद पोहा को उसी छलनी में पांच से सात मिनट के लिए छोड़ दें. इस दौरान पोहा अपने आप उतनी ही नमी सोख लेता है जितनी उसे चाहिए. यही रेस्ट का समय पोहा को नरम और फूला हुआ बनाता है.

जब आप पोहा बनाना शुरू करते हैं, तब भी ध्यान रखने वाली बातें होती हैं. कढ़ाही में तेल बहुत ज्यादा न डालें. थोड़ा सा तेल, उसमें राई, करी पत्ता, मूंगफली और प्याज डालें. प्याज को ज्यादा ब्राउन न करें, बस हल्का सा ट्रांसपेरेंट होने तक भूनें. इसके बाद हल्दी, नमक और हरी मिर्च डालें. अब गैस धीमी रखें और इसमें रेस्ट किया हुआ पोहा डालें. पोहा डालने के बाद उसे जोर जोर से न चलाएं. हल्के हाथों से मिलाएं ताकि वह टूटे नहीं.

अगर इस स्टेज पर आपको लगे कि पोहा थोड़ा सूखा है, तो घबराएं नहीं. इसमें पानी डालने की बजाय एक से दो टेबलस्पून पानी हाथ से छिड़कें और तुरंत ढक्कन लगा दें. दो मिनट के लिए गैस बहुत धीमी रखें. यह भाप पोहा के अंदर नमी भर देती है और उसे सॉफ्ट बना देती है. यही छोटी सी ट्रिक पोहा को सूखा होने से बचाती है.

पोहा में सब्जियां डालना भी उसे मॉइश्चर और स्वाद दोनों देता है. आलू, मटर, गाजर या प्याज जैसी सब्जियां पोहा में नेचुरल नमी लाती हैं. इससे पोहा ज्यादा देर तक सॉफ्ट रहता है. ऊपर से नींबू का रस डालना भी बहुत जरूरी है. नींबू न सिर्फ स्वाद बढ़ाता है, बल्कि पोहा को फ्रेशनेस देता है और उसका ड्राईपन कम करता है. अंत में हरा धनिया, नारियल बुरादा या अनार के दाने डालने से पोहा और ज्यादा मजेदार लगने लगता है.

अब सवाल आता है कि क्या पोहा हेल्दी होता है. पोहा एक हल्का और एनर्जी देने वाला ब्रेकफास्ट है. यह आसानी से पच जाता है और पेट को भारी नहीं करता. इसमें आयरन और कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं, जो दिन की अच्छी शुरुआत के लिए जरूरी हैं. अगर आप इसमें मूंगफली, सब्जियां और करी पत्ता डालते हैं, तो इसका न्यूट्रिशन और बढ़ जाता है. बस ध्यान रखें कि पोहा को बहुत ज्यादा तेल में न बनाएं. कम तेल में बना पोहा स्वाद और सेहत दोनों के लिए अच्छा होता है.

पोहा का नाम आते ही सबसे पहले मध्य प्रदेश, खासकर इंदौर का पोहा याद आता है. ऊपर से सेव, धनिया और अनार के दाने, और साथ में गरमागरम जलेबी. यही इंदौरी पोहा की पहचान है. महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान में भी पोहा अलग अलग अंदाज में बनाया जाता है. कहीं मीठा, कहीं तीखा और कहीं हल्का खट्टा. यही इसकी खासियत है कि हर जगह इसका स्वाद थोड़ा अलग होता है.

अगर आप वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं, तो पोहा आपके लिए अच्छा ऑप्शन हो सकता है. यह पेट को देर तक भरा रखता है और बार बार भूख नहीं लगने देता. सब्जियों और मूंगफली के साथ बना पोहा फाइबर से भरपूर होता है और एक बैलेंस्ड ब्रेकफास्ट बन जाता है.

आखिर में यही कहा जा सकता है कि अगर आपका पोहा हर बार सूखा या बिखरा बनता है, तो निराश होने की जरूरत नहीं है. बस पोहा को सही तरीके से धोएं, थोड़ा रेस्ट दें, बहुत देर तक न पकाएं और जरूरत पड़े तो हल्का सा पानी छिड़ककर भाप दें. ये छोटे छोटे बदलाव आपके पोहे को हर बार नरम, स्वादिष्ट और मॉइश्चर से भरा बना देंगे.