बैंकॉक में घर, दुबई में करता था शॉपिंग, कौन है इंटरनेशनल ड्रग पेडलर ऋतिक बजाज, जिसकी रातें अब कटेंगी तिहाड़ में?

Share to your loved once


Who is international drug peddler Ritik Bajaj? कौन है वो इंटरनेशनल ड्रग पेडलर ऋतिक बजाज, जिसने दिल्ली पुलिस और सीबीआई को सालों छकाता रहा? कैसे अब दुबई से भारत लाया गया? ऋतिक बजाज की कुंडली अब दिल्ली पुलिस खंगालेगी. भारत की जांच एजेंसियों ने अंतरराष्ट्रीय नार्को-सिंडिकेट के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी जीत दर्ज की है. 23 दिसंबर 2025 की सुबह दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जब दुबई से एक विशेष फ्लाइट लैंड हुई, तो उसके साथ भारत का वह मोस्ट वांटेड ड्रग पेडलर भी था, जिसने देश की सुरक्षा और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया था. ऋतिक बजाज का नाम का यह ड्रग पेडलर जो करीब 13,000 करोड़ रुपये के कोकीन तस्करी मामले में मुख्य आरोपी है, उसे सीबीआई और दिल्ली पुलिस के एक संयुक्त ऑपरेशन के जरिए यूएई से प्रत्यर्पित कर भारत लेकर आई है.

कौन है ऋतिक बजाज और क्या है इसका काला साम्राज्य?

बता दें कि ऋतिक बजाज महज एक आम ड्रग पेडलर नहीं है, बल्कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय एक बेहद रसूखदार नार्को-सिंडिकेट का अहम हिस्सा रहा है. जांच एजेंसियों के अनुसार ऋतिक का नाम साल 2024 में दिल्ली में पकड़ी गई कोकीन की सबसे बड़ी खेप के दौरान सामने आया था. अक्टूबर 2024 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने महिपालपुर और रमेश नगर जैसे इलाकों में छापेमारी कर 560 किलोग्राम से अधिक कोकीन और हाइड्रोपोनिक मारिजुआना बरामद की थी. इस कोकीन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 13,000 करोड़ रुपये आंकी गई थी.

कैसे सप्लायर्स और डिस्ट्रिब्यूटर्स के बीच मजबूत कड़ी था बजाज

इस सिंडिकेट में ऋतिक बजाज का नाम आया था अंतरराष्ट्रीय सप्लायर्स और भारत के भीतर मौजूद डिस्ट्रिब्यूटर्स के बीच एक मजबूत कड़ी के रूप में काम करना. वह थाईलैंड के फुकेट और बैंकॉक से बैठकर इस पूरे गिरोह को ऑपरेट कर रहा था. उसके साथ मयंक जैन और तुषार गोयल जैसे हाई-प्रोफाइल नाम भी जुड़े थे, जो पहले ही पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं.

बैंकॉक से दुबई तक का खौफनाक

बैंकॉक से दुबई तक का खौफनाक सफर जब दिल्ली पुलिस ने ड्रग्स की बड़ी खेप पकड़ी और चार्जशीट दाखिल की, तो ऋतिक बजाज को भनक लग गई थी. वह तुरंत भारत छोड़कर फरार हो गया. जांच में पता चला कि वह लंबे समय तक बैंकॉक में छिपा रहा. वहां वह लग्जरी लाइफ जी रहा था और व्हाट्सएप व अन्य एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए अपना धंधा चला रहा था. दिल्ली पुलिस की सिफारिश पर सीबीआई ने 9 अक्टूबर 2025 को उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड नोटिस जारी करवाया.

इंटरपोल की थी नजर

रेड नोटिस जारी होते ही दुनिया भर की जांच एजेंसियां अलर्ट हो गईं. हाल ही में, बैंकॉक के नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने भारतीय एजेंसियों को इनपुट दिया कि ऋतिक बजाज थाईलैंड से निकलकर यूएई की ओर बढ़ रहा है. वह अपना ठिकाना बदलने के लिए दुबई जा रहा था, लेकिन यह उसकी सबसे बड़ी भूल साबित हुई.

ऐसे बिछाया गया ऑपरेशन ‘ऑल आउट’

ऋतिक बजाज को पकड़ने के लिए गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के सहयोग से एक सूक्ष्म रणनीति तैयार की गई. सीबीआई, जो भारत में इंटरपोल की नोडल एजेंसी है, ने यूएई के अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय किया. जैसे ही वह दुबई पहुंचा, वहां की पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया. दिल्ली पुलिस की एक विशेष टीम, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल थे, उसे लेने के लिए यूएई भेजी गई. कागजी औपचारिकताओं और प्रत्यर्पण प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया गया और मंगलवार को उसे सुरक्षित भारत वापस लाया गया.

तिहाड़ जेल में कटने वाली है रातें

जांच की अगली कड़ियां और बड़े खुलासे की उम्मीद ऋतिक बजाज की गिरफ्तारी से नार्को-टेररिज्म के कई बड़े राज खुलने की संभावना है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि 13,000 करोड़ की कोकीन का असली स्रोत क्या था और इसके पीछे पाकिस्तान या अन्य खाड़ी देशों के हैंडलर्स का कितना हाथ है. जांच में पहले ही संकेत मिले हैं कि ड्रग्स की बिक्री से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल देशविरोधी गतिविधियों में किया जा सकता था.

दिल्ली पुलिस अब ऋतिक बजाज को कोर्ट में पेश कर उसकी रिमांड मांगेगी. उससे पूछताछ के दौरान उन सफेदपोश चेहरों के नाम भी सामने आ सकते हैं, जो इस ड्रग सिंडिकेट को लॉजिस्टिक और वित्तीय मदद मुहैया कराते थे. ऋतिक की गिरफ्तारी यह साफ संदेश है कि अपराधी चाहे सात समंदर पार ही क्यों न छिपा हो, भारतीय कानून के लंबे हाथ उस तक पहुंच ही जाएंगे.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP