दिल्लीवालों सावधान! आपके किचन में घुस गया ‘स्लो पॉइजन’, दिल्ली पुलिस ने इन प्रोडक्ट्स को लेकर खोल दिया बड़ा राज | delhi police exposed expired international food products racket sadar bazar raid beware slow poison entered your kitchen

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नई दिल्ली. क्या आप बड़े चाव से ‘ओरियो’ बिस्किट खाते हैं? क्या ‘स्टारबक्स’ की कॉफी या ‘हेंज’ का केचप आपकी रसोई की शान है? अगर हां तो ठहर जाइए! दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो आपकी थाली में ‘स्लो पॉइजन’ परोस रहा था. दिल्ली पुलिस ने सदर बाजार और फैज गंज इलाके में छापेमारी कर एक ऐसी फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है, जहां एक्सपायर्ड हो चुके विदेशी खाद्य पदार्थों को नई पैकिंग और फर्जी तारीखों के साथ ‘ताजा’ बनाकर बेचा जा रहा था. इस कार्रवाई में करीब 4.3 करोड़ रुपये का माल बरामद किया गया है.

क्राइम ब्रांच के डीसीपी आदित्य गौतम और हर्ष इंदोरा के नेतृत्व में साइबर सेल की टीम ने इस सनसनीखेज रैकेट का खुलासा किया है. इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड 54 वर्षीय अटल जायसवाल है, जो दिल्ली के राणा प्रताप बाग का रहने वाला है. अटल और उसके 6 साथियों को गिरफ्तार किया गया है. ये लोग मुंबई के एजेंटों के माध्यम से ब्रिटेन, अमेरिका और दुबई जैसे देशों से उन अंतरराष्ट्रीय ब्रांडेड खाद्य पदार्थों को कौड़ियों के दाम पर खरीदते थे, जिनकी एक्सपायरी डेट या तो खत्म हो चुकी थी या खत्म होने वाली थी. कानूनन इन उत्पादों को नष्ट कर देना चाहिए था, लेकिन यह गिरोह इन्हें दिल्ली लाकर नया रूप देता था.

कैसे बदला जाता था मौत का वारंट?

जांच में पता चला कि आरोपियों ने बाकायदा एक ‘एडल्ट्रेशन यूनिट’ यानी मिलावट फैक्ट्री लगा रखी थी. यहां हैंड-हेल्ड इंकजेट प्रिंटर, थिनर, केमिकल और ग्लू गन जैसी मशीनों का इस्तेमाल होता था. सबसे पहले केमिकल की मदद से पुरानी मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट को मिटाया जाता था. इसके बाद आधुनिक प्रिंटिंग मशीनों से उन पर नई तारीखें, फर्जी बारकोड और बैच नंबर डाल दिए जाते थे. इसके बाद इन्हें नई चमचमाती पैकिंग में लपेटकर बाजार में भेज दिया जाता था. इस पूरी प्रक्रिया को देखकर कोई भी विशेषज्ञ यह नहीं कह सकता था कि यह उत्पाद महीनों पहले खराब हो चुका है.

मशहूर स्टोर और ई-कॉमर्स पर सप्लाई

पुलिस के लिए सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि ये एक्सपायर्ड उत्पाद किसी छोटी दुकान पर नहीं, बल्कि भारत के प्रमुख रिटेल चेन जैसे ‘मॉडर्न बाजार’, ‘फूड स्टोरी’, ‘नेचर्स बास्केट’ और कई नामी शॉपिंग मॉल्स व ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए बेचे जा रहे थे. इन उत्पादों में बच्चों के पसंदीदा ओरियो बिस्किट, स्टारबक्स कॉफी, न्यूटेला, हेंज केचप, लिप्टन एनर्जी ड्रिंक और स्प्रिंगल्स जैसे 100 से ज्यादा ब्रांड शामिल थे. सबसे डरावनी बात यह है कि इस लिस्ट में बेबी फूड यानी बच्चों का खाना भी शामिल था, जो छोटे बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है.

साजिश का मास्टरमाइंड और ‘मौत’ का सामान

दिल्ली पुलिस ने छापेमारी के दौरान 43,762 किलो ठोस खाद्य पदार्थ और 14,665 लीटर ड्रिंक्स बरामद किए हैं. बिस्किट और स्नैक्स जैसे ओरियो, बिस्कॉफ, केलॉग्स फ्रॉस्टीज, प्रिंगल्स चिप्स के 6,047 किलो बरामद हुए हैं. कोका-कोला, फटा, माउंटेन ड्यू, स्टारबक्स और कोस्टा कॉफी भी पुलिस ने जब्त की है. इसके साथ ही हेंज केचप, मेयोनीज, न्यूटेला, फेरेरो रोचर और लिंड्ट चॉकलेट भी बरादद हुए हैं. इसके अलावा भारी मात्रा में प्रिंटिंग मशीनें, फर्जी लेबल रोल और केमिकल भी जब्त किए गए हैं.

दिल्ली पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन

पुलिस ने मुख्य आरोपी अटल जायसवाल के अलावा झारखंड के शिव कुमार, दिल्ली के बिस्वजीत धारा, बिहार के विनोद व अरुण कुमार, यूपी के विजय कांत और शमीम को गिरफ्तार किया है. इन सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 275 (जहरीला खाना बेचना), 318(4) (धोखाधड़ी), 336 और 340 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. क्राइम ब्रांच अब उन मुंबई स्थित एजेंटों की तलाश कर रही है जो विदेशों से यह कचरा भारत मंगवाते थे.

जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़दिल्ली पुलिस ने इस कार्रवाई के जरिए जनता को सचेत किया है कि किसी भी उत्पाद को खरीदते समय केवल ब्रांड नेम न देखें, बल्कि उसकी पैकेजिंग और बारकोड की बारीकी से जांच करें. एक्सपायर्ड चॉकलेट, सॉस और बेबी फूड खाने से लिवर, किडनी और पेट की गंभीर बीमारियां हो सकती हैं.

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