‘वे मेरे बम्स और ब्रेस्ट पर’, फिल्ममेकर की डिमांड से सदमे में थीं राधिका आप्टे, चौंकाने वाला खुलासा- ‘रो दूंगी’
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नई एक्ट्रेस के लिए सिनेमा में सर्वाइव करना आसान नहीं है, बर्शते आप किसी बड़े स्टार की बेटी हों. कई टैलेंटेड हीरोइनों ने परेशान होकर सिनेमा से दूरी बनाई, तो कुछ उनसे उबरने में कामयाब हुईं. ऐसी ही हीरोइन हैं राधिका आप्टे, जिन्होंने फिल्मों में कई बोल्ड किरदार निभाए हैं. उन्होंने अब साउथ फिल्ममेकर्स के साथ हुए खराब अनुभव पर चुप्पी तोड़ी है और उनकी नाजायज डिमांड का खुलासा किया है.

नई दिल्ली: सिनेमा में कई एक्ट्रेसेज कास्टिंग काउच और फिल्ममेकर्स की नाजायज डिमांड का शिकार बन चुकी हैं. राधिका आप्टे भी उनसे जुदा नहीं हैं, जो आजकल फिल्म ‘धुरंधर’ पर अपने बयान की वजह से लोगों के निशाने पर हैं. उन्होंने विवाद के बीच उन साउथ फिल्ममेकर्स पर भड़ास निकाली है जो काम के दौरान उनसे अजीब डिमांड करते थे. उन्हें पुराने दिनों को याद करके रोना आता है.

राधिका आप्टे ने बताया कि अपने करियर के शुरुआती दौर में उन्हें अक्सर भेदभाव का सामना करना पड़ा, खासकर जब वह 2000 के दशक के आखिर में साउथ इंडियन फिल्मों में काम कर रही थीं. उन्होंने सेट पर अजीब बर्ताव और दकियानूसी सोच का सामना करने की बात कही और बताया कि इंडस्ट्री में हीरोइनों के लिए हालात कितने मुश्किल हैं.

राधिका आप्टे के फिल्मी किरदारों को देखकर लगता है कि वे निजी जिंदगी में भी काफी बेबाक और साहसी हैं, हालांकि इंडस्ट्री के शुरुआती दिनों को याद करके उनका दिल भी दहल जाता है
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राधिका आप्टे ने इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कहा, ‘मैंने कुछ साउथ की फिल्में सिर्फ इसलिए कीं क्योंकि मुझे पैसों की सख्त जरूरत थी. जिन फिल्मों में मैंने काम किया, उनमें से कुछ के सेट्स पर मेरा अनुभव बहुत खराब रहा. मुझे याद है एक बार मैं सेट पर अकेली फीमेल थी. हम एक छोटे से शहर में शूटिंग कर रहे थे. वे मेरे बम्स और ब्रेस्ट्स पर और पैडिंग लगाना चाहते थे. वे कह रहे थे, ‘अम्मा, और पैडिंग लगाओ!’ मैंने पूछा, ‘और कितनी पैडिंग लगाओगे? किसी को कितना गोल बना सकते हो?’

राधिका ने याद करते हुए कहा, ‘मैं वहां अकेुली महिला थी! मेरा कोई मैनेजर नहीं था. कोई एजेंट नहीं था. मेरी टीम में भी सारे मर्द थे क्योंकि उन्होंने ही मुझे रोल दिया था. उन्होंने कहा, ‘नहीं तुम अपनी टीम नहीं ला सकती.’

राधिका ने आगे कहा, ‘मैं कभी भी दोबारा उन हालातों में नहीं फंसना चाहती क्योंकि मैं रो पड़ूंगी. वो अनुभव वाकई ट्रॉमेटिक था. मैं नहीं चाहती कि कोई भी महिला उस हालात में जाए.’

एक्ट्रेस ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में बहुत से लोगों के साथ तालमेल बैठाना मुश्किल है क्योंकि उन्हें पता ही नहीं कि वे पॉलीटिकली कहां खड़े हैं.

राधिका ने साफ कहा कि वह इस कल्चर के लिए मर्दों को दोष नहीं दे रहीं, क्योंकि कई महिलाएं भी पावरफुल पोजिशन में हैं और बदलाव ला सकती हैं, लेकिन वे ऐसा नहीं करतीं. उन्होंने कहा कि उन्हें यह सब बहुत परेशान करता है.

राधिका आप्टे हाल में टिस्का चोपड़ा के निर्देशन में बनी फिल्म ‘साली मोहब्बत’ में नजर आई थीं. उन्होंने दर्जों फिल्मों में बेबाक किरदार निभाकर नए पैमाने गढ़े हैं, जिन्हें सफलता के साथ निभाना आसान नहीं है.