पंजाबी नहीं एक बार बिहारी स्टाइल में बनाएं सरसों का साग, दिल खुश कर देगी मिथिलांचल की यह रेसिपी

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Sarso Ka Saag Bihari Style: सरसों का साग सर्दियों में खासा पसंद किया जाता है पर मिथिलांचल में इसे बनाने के लिए अलग ही रेसिपी फॉलो होती है. एक बार इस स्टाइल से भी सरसों का साग बनाएं, अलग और मजेदार स्वाद मिलेगा.

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दरभंगा: रबी के सीजन का इंतजार खासकर मिथिलांचल के लोग बहुत ही बेसब्री से करते हैं. इसके पीछे कारण यह है कि इस सीजन में सरसों का साग बहुत ही स्वादिष्ट लगता है. यह एक सीजनल साग है और मिथिलांचल के लोग इसे कई तरह से अपने खाने में शामिल करते हैं. आज मिथिलांचल यानी देसी स्टाइल में सरसों का साग बनाने का तरीका हम बता रहे हैं, जो बहुत ही स्वादिष्ट बनता है और इसे बनाना भी बेहद आसान है.

ऐसे होता है तैयार
इस पर जानकारी देते हुए गृहिणी निधि चौधरी बताती हैं कि सबसे पहले खेतों से या बाजार से सरसों के हरे पत्ते खरीद कर ले आएं. इसके बाद पत्तों को दो पानी में अच्छे से धोकर साफ कर लें, ताकि किसी तरह की गंदगी न रहे. फिर पत्तों को बारीक काट लें. कुछ लोग इस साग में पालक और मेथी भी डालते हैं और वो टिपिकल पंजाबी टेस्ट होता है. आप बिना इसके भी सरसों का साग बना सकते हैं.

उबलने के बाद चढ़ाएं कढ़ाही
सरसों का साग बनाने के लिए कटे हुए पत्तों को कुकर में डालें और थोड़े से पानी के साथ तीन सीटी लगा दें, ताकि पत्ते अच्छे से गल जाएं. इसके बाद कुकर खोलकर साग को निकाल लें. अब गैस चूल्हे पर एक कड़ाही चढ़ाएं और उसमें थोड़ा सा सरसों का तेल डालें. तेल गर्म होने पर उसमें सरसों के दाने, सूखी मिर्च और दरदरी पिसी हुई लहसुन की कलियां डाल दें. स्वाद अनुसार नमक डालकर थोड़ी देर भूनें.

इसके बाद कुकर से निकला हुआ सरसों का साग कड़ाही में डालें और थोड़ी सी कटी हुई हरी मिर्च भी मिला दें. अब इसे अच्छे से चलाते रहें, जब तक साग पूरी तरह से मसालों में मिल न जाए. चलाते समय छोलनी की मदद से पत्तों को तोड़ते रहें, ताकि साग अच्छी तरह से मिक्स हो जाए. जब साग तैयार हो जाए, तो उसे कड़ाही से निकालकर किसी दूसरे बर्तन में रख लें और ऊपर से थोड़ा सा कच्चा सरसों का तेल डालकर मिला दें.

देसी अंदाज का साग तैयार
इस तरह देसी अंदाज में बना सरसों का साग तैयार हो जाता है. यह सरसों का साग मिथिलांचल के लोगों के लिए एक खास व्यंजन है, जो उनके खाने में अलग स्वाद और खुशबू जोड़ देता है. इसे रोटी, पूड़ी, पराठा,चावल किसी के भी साथ खाया जा सकता है पर यह हाथ वाली पानी की रोटी जो चूल्हे पर बनती हैं, उनके साथ बहुत ही स्वादिष्ट लगता है.

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Raina Shukla

बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें

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पंजाबी नहीं एक बार बिहारी स्टाइल में बनाएं सरसों का साग,दिल खुश कर देगी रेसिपी

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