पिता फिल्में बनाकर हुए कंगाल, गरीबी में जन्मा 1 जमाने का सुपरस्टार, राजनीति से बर्बाद हुआ करियर, अब काम को तरसा
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80 के दशक में कई बड़े हीरो ने पर्दे पर अपने एक्शन और लुक्स से दर्शकों का दिल जीता, लेकिन 1980 में जब पहली बार गोविंदा ने सिनेमा के पर्दे पर एंट्री ली, तो देखते ही देखते दर्शकों के दिलोदिमाग पर छा गए. गोविंदा ने अपने करियर के पीक पर साल में 15-15 फिल्में साइन की, लेकिन उनकी शुरुआती जिंदगी और करियर दोनों संघर्ष से भरे थे. अभिनेता रविवार को अपना 62वां जन्मदिन मनाएंगे.

हिम्मत और मेहनत के जरिए इंसान पहाड़ को भी झुका सकता है, इस कहावत को गोविंदा ने सार्थक किया. गोविंदा का जन्म गरीबी में हुआ, जब उनके परिवार और पिता हवेली से चॉल में शिफ्ट हुए. गोविंदा के पिता अरुण आहूजा 1940 के दशक के एक्टर थे जिन्होंने ‘औरत’ और ‘एक ही रास्ता’ जैसी फिल्मों में काम किया था. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @govinda_herono1)

अरुण आहूजा ने फिल्में प्रोड्यूस की और यही कारण था जिसकी वजह से वे अपने परिवार के साथ चॉल में शिफ्ट हुए. गोविंदा के पिता की फिल्में डूबने लगीं और उनका करियर भी. इन्हीं दुख और परेशानी के समय गोविंदा का जन्म हुआ. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @govinda_herono1)

गोविंदा को उनके घर में प्यार से ‘चीची’ बुलाते हैं. ये प्यारा नाम उनकी मां ने उन्हें दिया क्योंकि वे घर में सबसे छोटे थे. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो गोविंदा की मां का मानना था कि वे भगवान श्री कृष्ण की तरह सारी परेशानी को सबसे छोटी उंगली पर उठा लेंगे और वैसा ही हुआ. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @govinda_herono1)
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गोविंदा का अपने परिवार को गरीबी से निकालने में बड़ा हाथ रहा. करियर की शुरुआत में गोविंदा को एक्टर बनना था लेकिन उनसे डांस सीखने के लिए कहा गया. जावेद जाफरी के शो ‘बूगी-वूगी’ में गोविंगा ने खुलासा किया था कि उन्हें जावेद जाफरी का वीडियो दिखाकर डांस सीखने की सलाह दी गई थी. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @govinda_herono1)

गोविंदा ने कहा कि जावेद जाफरी के डांस वीडियो देखकर ही उन्होंने शुरू में डांस सीखा था, लेकिन बाद में कोरियोग्राफर सरोज खान ने उन्हें डांस की तालीम दी. 1986 में आई फिल्म ‘इल्जाम’ से उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की, लेकिन साल 1990 का दशक अभिनेता का बेहतरीन साल रहा क्योंकि उनकी बैक टू बैक कई फिल्में रिलीज हुईं. इसे उनके करियर का स्वर्णिम काल कहा गया. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @govinda_herono1)

गोविंदा की ‘हीरो नंबर 1’, ‘साजन चले ससुराल’, ‘राजा बाबू’, और ‘कुली नंबर 1’ जैसी फिल्में सुपरहिट हुईं. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अपने सफल करियर के समय गोविंद एक फिल्म का 1 करोड़ रुपये चार्ज करते थे. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @govinda_herono1)

साल 2004 में गोविंदा ने राजनीति में कदम रखा. वे कांग्रेस में शामिल हुए और नॉर्थ मुंबई से चुनाव जीता और इसके बाद फिल्मी करियर में गिरावट का दौर शुरू हो गया. गोविंदा ने खुद स्वीकारा कि राजनीति में आने की वजह से उन्होंने फिल्मों से दूरी बना ली और पार्टी के कुछ राजनेता ही उनके दुश्मन बन गए थे. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @govinda_herono1)

गोविंदा ने ये तक कहा था कि उनकी फिल्मों को राजनेताओं के जरिए रिलीज होने से रोका गया. की आखिरी ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘पार्टनर’ थी, जिसमें वह कैटरीना कैफ के अपॉजिट नजर आए थे. फिल्म में सलमान खान और लारा दत्ता भी थे. इसके बाद गोविंदा ने कई फिल्मों में काम किया, लेकिन एक भी फिल्म नहीं चली. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @govinda_herono1)