बंटवारे ने कैसे भारत को खाड़ी देशों से दूर कर दिया? विदेश मंत्री जयशंकर ने इशारों में पाकिस्तान को घेरा
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S Jaishankar News: पुणे बुक फेस्टिवल में जयशंकर ने भारत के ओमान, गल्फ, साउथ-ईस्ट एशिया और सेंट्रल एशिया से ऐतिहासिक संबंधों पर जोर दिया और भारत की वैश्विक छवि में बदलाव बताया. जयशंकर ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि खाड़ी देशों के साथ रिश्तों को फिर से उसी पुराने रूप में जिंदा किया जाए, जैसा कि विभाजन से पहले था.
ओमान के सुलतान हैसम बिन तारिक ने पीएम मोदी को ‘ऑर्डर ऑफ ओमान’ सम्मान से नवाजा.पुणे. विदेश मंत्री जयशंकर ने शनिवार को भारत के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का जिक्र करते हुए खाड़ी क्षेत्र, दक्षिण पूर्व एशिया और मध्य एशिया के बारे में बात की. उन्होंने ओमान के भारत के पश्चिमी तट के साथ लंबे समय से चले आ रहे समुद्री संबंधों का भी उल्लेख किया और कहा कि ऐतिहासिक रुकावटों ने उन क्षेत्रों को दूर कर दिया है जो कभी एक-दूसरे से बहुत करीब से जुड़े हुए थे. वह पुणे बुक फेस्टिवल के एक ईवेंट में बोल रहे थे.
उन्होंने कहा, “इस हफ़्ते, मैं गल्फ़ में था. गल्फ़ का इतिहास भारत के इतिहास से बहुत, बहुत करीब है. जब प्रधानमंत्री वहां गए थे, मैं ओमान की बात कर रहा हूं. ओमान एक बड़ा ट्रेडिंग किंगडम हुआ करता था. वहां से लोग समुद्री रास्ते से महाराष्ट्र और गुजरात के तटों तक यात्रा करते थे. वे हर दिन नाव से आते-जाते थे. बंटवारे की वजह से, किसी तरह कोई हमारे बीच में आ गया.”
जयशंकर ने इशारों-इशारों में पाकिस्तान का जिक्र करते हुए कहा, “आप जानते हैं कि कौन बीच में आया. उसके बाद वे हमसे दूर हो गए. वे कुछ इलाके और दूर चले गए. अब हमें उस पुराने रिश्ते और अहसास को फिर से बनाना है. चाहे वह गल्फ हो, साउथ-ईस्ट एशिया हो या सेंट्रल एशिया.”
‘भारत को दुनिया कहीं अधिक सकारात्मक रूप में देखती है’
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को कहा कि आज दुनिया भारत को पहले की तुलना में कहीं अधिक सकारात्मक रूप में देखती है और देश की छवि में आया यह बदलाव एक निर्विवाद सच्चाई है. जयशंकर ने पुणे में सिम्बायोसिस इंटरनेशनल (डीम्ड विश्वविद्यालय) के 22वें दीक्षांत समारोह में कहा कि वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है. उन्होंने कहा, “शक्ति और प्रभाव के कई केंद्र उभर चुके हैं और अब कोई भी देश, चाहे वह कितना ही शक्तिशाली क्यों न हो, सभी मुद्दों पर अपनी मर्जी नहीं थोप सकता.”
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें