टी20 वर्ल्ड कप 2026 में खेलेंगे भारत के ये 15 धुरंधर, किसका क्या होगा काम, कौन करेगा विरोधियों का काम तमाम, एक क्लिक में जानिए सब
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बीसीसीआई ने मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए टीम इंडिया की घोषणा कर दी है. वर्ल्ड कप के मुकाबले 7 फरवरी से 8 मार्च तक भारत के पांच और श्रीलंका के तीन स्टेडियम में खेले जांएगे. सूर्यकुमार यादव मौजूदा चैंपियन टीम के कप्तान होंगे. अक्षर पटेल उप-कप्तान होंगे. भारतीय टीम में दुनिया के नंबर 1 टी20 बल्लेबाज अभिषेक शर्मा, दुनिया के नंबर एक टी20 गेंदबाज वरुण चक्रवर्ती, हार्दिक पांड्या, जसप्रीत बुमराह, कुलदीप यादव, तिलक वर्मा और संजू सैमसन जैसे खिलाड़ी भी शामिल हैं. आइए यहां टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारत की टीम पर एक नजर डालें.

सूर्यकुमार यादव टी20 फॉर्मेट के बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक हैं. हालांकि भारतीय कप्तान इस समय अपने करियर की सबसे खराब फॉर्म में हैं. पिछले 14 महीनों में सूर्यकुमार ने एक भी अर्धशतक नहीं लगाया है और उनका स्ट्राइक रेट 125 से नीचे चला गया है. टी20 विश्व कप में टीम को अपने कप्तान से उम्मीद होगी कि वह अच्छा प्रदर्शन करें. उनकी कप्तानी में जीत का प्रतिशत 83 है जो उनके नेतृत्व का सबूत है. लेकिन हर कप्तान खुद उदाहरण बनना चाहता है और सूर्यकुमार भी यही चाहेंगे.

अभिषेक शर्मा ने नई पीढ़ी के लिए टी20 बल्लेबाजी का तरीका बदल दिया है. अभिषेक की शुरुआत भारत के पावरप्ले में बहुत अहम होगी. दुनिया के नंबर एक टी20 बल्लेबाज ने करीब 200 के स्ट्राइक रेट के साथ सलामी बल्लेबाजों के लिए नया स्टैंडर्ड सेट किया है.

अभिषेक के बाद तिलक वर्मा टीम के लिए सबसे जरूरी टॉप ऑर्डर बल्लेबाज हैं. टी20 तेज फॉर्मेट है लेकिन तिलक की तकनीक और दबाव में शांत रहने की काबिलियत उन्हें खास बनाती है. पाकिस्तान के खिलाफ एशिया कप फाइनल में हारिस रऊफ की गेंद पर आखिरी ओवर में छक्का याद करें. वह टीम की जरूरत के हिसाब से तीसरे या चौथे नंबर पर खेल सकते हैं और शायद टीम के सबसे अच्छे फील्डर हैं.
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पिछले नौ साल में अगर भारतीय क्रिकेट में संतुलन का कोई दूसरा नाम है तो वह हार्दिक पंड्या ही हैं. जब भी वह टीम से बाहर रहे हैं, भारत को सही संयोजन बनाने में दिक्कत हुई है. कपिल देव से तुलना करना सही नहीं होगा, लेकिन छोटे फॉर्मेट में उनकी हिटिंग कपिल की याद दिलाती है. उनकी तेज गेंदबाजी टीम को एक अतिरिक्त बल्लेबाज या गेंदबाज खिलाने का मौका देती है.

भारत की सपाट या मुश्किल पिचों पर शिवम दुबे टीम के लिए बहुत जरूरी हैं. वह ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्हें आप 9 से 16 ओवर के बीच चाहेंगे जब स्पिनर गेंदबाजी कर रहे हों क्योंकि वह धीमी गेंदबाजों की धुनाई कर सकते हैं. लेग स्पिनरों के खिलाफ उनकी बल्लेबाजी इतनी अच्छी है कि बड़े स्पिनर भी उनके सामने गेंदबाजी करने से बचते हैं. उनकी गेंदबाजी में भी सुधार हुआ है और वह धीमी पिचों पर दो ओवर डाल सकते हैं.

भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन अब शुभमन गिल के बाहर होने के बाद राहत की सांस ले सकते हैं क्योंकि बल्लेबाजी क्रम में एक जगह खाली हो गई है. केरल के इस खिलाड़ी ने 2024 में 12 पारियों में 436 रन बनाए और सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे. गिल के लौटने के बाद वह नीचे खेले. टीम मैनेजमेंट ने जितेश शर्मा को निचले क्रम में खेलने की वजह से पसंद किया था जिससे सैमसन के मौके कम हो गए थे. अब सैमसन वही करना चाहेंगे जो वह सबसे अच्छा करते हैं यानी रन बनाना, चाहे उन्हें बल्लेबाज के तौर पर ही क्यों न खेलना पड़े और विकेटकीपिंग शायद इशान किशन को मिले.

झारखंड के खिलाड़ी इशान किशन ने शानदार वापसी की है. अपने राज्य को पहली बार सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जिताने के बाद उन्होंने दो साल बाद टीम में वापसी की है. एक समय वह हर फॉर्मेट में खेलते थे लेकिन टीम से बाहर हो गए, कॉन्ट्रैक्ट भी चला गया और उनकी कमिटमेंट पर सवाल उठे. उन्होंने काउंटी और घरेलू क्रिकेट में मेहनत करके जवाब दिया. किशन ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में सबसे ज्यादा रन बनाए और फाइनल में शतक लगाकर टीम में जगह पक्की की.

कुलदीप यादव चतुर चाइनामैन स्पिनर भारत के लिए एक्स-फैक्टर हैं. बाएं हाथ के स्पिनर कुलदीप ने एशिया कप जीतने में अहम भूमिका निभाई और 9.29 के औसत से सात विकेट लेकर सबसे ज्यादा विकेट लिए. भारतीय पिचों पर कुलदीप की गेंदबाजी, खासकर उनकी रांग-वन, निर्णायक हो सकती है क्योंकि भारत तीन स्पिनरों के साथ खेलने की सोच रहा है.

जसप्रीत बुमराह किसी भी पिच पर, किसी भी हालात में मैच जिताने वाले गेंदबाज गेंदबाज हैं. बुमराह के प्रदर्शन पर भारत के खिताब बचाने की उम्मीद टिकी है. बुमराह के पास कटर, डिपर, स्लोअर बॉल, बाउंसर, यॉर्कर सब कुछ है. वह चार ओवर में उतने ही खतरनाक हैं जितना लंबे फॉर्मेट में.

उप कप्तान की जिम्मेदारी मिलने के बाद अक्षर को गेंद और बल्ले दोनों से असर डालना होगा. उनकी बाएं हाथ की स्पिन सटीक है और वह कहीं भी बल्लेबाजी कर सकते हैं.

बाएं हाथ के गेंदबाज अर्शदीप सिंह अनुभवी बुमराह के लिए सही जोड़ीदार है. हालांकि उनमें अपने सीनियर जैसा जादू नहीं है, लेकिन शांत स्वभाव और गेंद की गति बदलने की काबिलियत उन्हें पावरप्ले और आखिरी ओवरों में खतरनाक बनाती है.

वरुण चक्रवर्ती की गेंदबाजी को समझना मुश्किल है. बिना एक्शन बदले वह कई तरह की गेंदें फेंक सकते हैं. उनकी गेंद को पढ़ना मुश्किल है और उनकी तेजी उन्हें पिच पर खेलना मुश्किल बनाती है. अपनी तरकीबों के साथ चक्रवर्ती अब और भी खतरनाक हो गए हैं.

हर्षित राणा मुख्य कोच गौतम गंभीर की पसंद के चलते अब सभी फॉर्मेट में खेलने वाले इस तेज गेंदबाज पर नजर है. जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह के बाद रिजर्व तेज गेंदबाज के तौर पर चुने गए राणा को एक बार फिर मोहम्मद सिराज पर तरजीह मिली है. उनका प्रदर्शन मिला-जुला रहा है. सीमित भूमिका के साथ राणा की भूमिका पर नजर रहेगी.

तमिलनाडु के ऑफ स्पिनर वाशिंगटन सुंदर ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट में तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी की थी जिससे टीम को एक और ऑलराउंडर विकल्प मिला. उन्होंने 58 मैचों में 24 टी20 अंतरराष्ट्रीय पारियों में एक अर्धशतक लगाया है और 51 विकेट लिए हैं लेकिन हाल के मौके कम मिले हैं. वाशिंगटन ने पिछले 10 टी20 मैचों में सिर्फ चार मैच खेले हैं और हो सकता है कि उन्हें फिर बेंच पर बैठना पड़े.

अलीगढ़ के एक साधारण परिवार से भारत की टी20 विश्व कप टीम तक रिंकू सिंह का सफर उनकी निडर फिनिशिंग और दबाव में धैर्य की वजह से मुमकिन हुआ है. रिंकू ने लगातार आईपीएल में अच्छे प्रदर्शन से टीम में जगह बनाई. उन्होंने टीम मैनेजमेंट का भरोसा एक फिनिशर के तौर पर जीता है जो दबाव में और आखिरी ओवरों में तेजी से रन बना सकते हैं.