‘आदित्य धर ने अकेले बदला भारतीय…’, राम गोपाल वर्मा ने ‘धुरंधर’ को बताया बॉलीवुड के लिए चुनौती, किए कई ट्वीट

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मुंबई. ‘धुरंधर’ ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया है. सिर्फ इंडस्ट्री में नहीं बल्कि देश और दुनिया इस फिल्म की चर्चा कर रही है. कई लोगों ने इसे प्रोपेगेंडा फिल्म कहकर नजरअंदाज कर दिया था, लेकिन फिल्म के बॉक्स ऑफिस परफॉर्मेंस ने सभी को चौंका दिया. इसने रिकॉर्ड तोड़े और पहले हफ्ते से ज्यादा ग्रोथ दूसरे हफ्ते में दिखाई. अब राम गोपाल वर्मा ने भी फिल्म पर अपनी प्रतिक्रिया दी और लगातार कई ट्वीट किए. उन्होंने सबसे पहले निर्देशक आदित्य धर के लिए एक लंबा नोट लिखा.

राम गोपाल पउन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि आदित्य धर ने अकेले ही भारतीय सिनेमा का भविष्य बदल दिया है, चाहे वह उत्तर हो या दक्षिण. क्योंकि ‘धुरंधर’ सिर्फ एक फिल्म नहीं है, यह एक क्वांटम लीप है. ‘धुरंधर’ ने सिर्फ स्केल ही नहीं, बल्कि एक ऐसी सोच और विजन दिखाया है जो पहले कभी नहीं देखा गया. आदित्य धर यहां सीन डायरेक्ट नहीं करते, बल्कि किरदारों और दर्शकों दोनों की मानसिक स्थिति को इंजीनियर करते हैं.”

राम गोपाल वर्मा ने आगे लिखा, “फिल्म आपका ध्यान नहीं मांगती, बल्कि उसे कमांड करती है. पहले ही शॉट से लगता है कि कुछ ऐसा शुरू हो गया है जिसे अब रोका नहीं जा सकता, और दर्शक अब सिर्फ देखने वाले नहीं, बल्कि स्क्रीन पर हो रही घटनाओं के साथी बन जाते हैं.” अपने अगले ट्वीट में, आरजीवी ने फिल्म से मिली कुछ खास सीखों के बारे में लिखा. उन्होंने रणवीर की तारीफ की कि उन्होंने स्क्रिप्ट की डिमांड को समझा और अक्षय खन्ना को आगे आने दिया.

रणवीर सिंह ने अक्षय खन्ना को फ्रेम में आने दियाः राम गोपाल वर्मा

राम गोपाल वर्मा ने लिखा,”बाकी पैन इंडिया बड़ी फिल्मों की तरह, यह फिल्म हीरो को ऊंचा दिखाने या उसे जबरदस्ती पूजने के लिए स्लो मोशन या तेज बैकग्राउंड म्यूजिक का सहारा नहीं लेती. यह असल में उसके कमियों और उसके परिणामों को साथ-साथ चलने देती है, जिससे दर्शक तालियां बजाने की बजाय टेंशन में आ जाते हैं. यह कमाल की बात है कि रणवीर सिंह स्टार होकर भी पीछे हट जाते हैं ताकि अक्षय खन्ना फ्रेम में आ सकें, क्योंकि यही कहानी की जरूरत है और यह रणवीर की सिनेमा की समझ को दिखाता है.”

राम गोपाल वर्मा ने ‘धुरंधर’ को फिल्म इंडस्ट्री के लिए बताया चेतावनी

राम गोपाल वर्मा ने फिल्म के एक्शन, बैकग्राउंड स्कोर और दर्शकों की समझ पर फिल्म के भरोसे की भी तारीफ की. उन्होंने कहा, “यह फिल्म दर्शकों की समझ पर बिना किसी झिझक के भरोसा करती है. न कोई स्पून फीडिंग, न कोई इमोशनल अंडरलाइनिंग. मतलब खुद समझ में आता है, बताया नहीं जाता. ‘धुरंधर’ की सफलता सिर्फ एक और ब्लॉकबस्टर होना नहीं है, बल्कि यह फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक चेतावनी है कि अब बड़ा सोचो.”

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