यह सरकारी कंपनी निवेश करने जा रही 7 लाख करोड़! पैदा होंगी लाखों नौकरियां भी, किस सेक्टर में रहेगा जोर
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NTPC Business : देश की सबसे बड़ी थर्मल पॉवर सरकारी कंपनी ने अगले कुछ साल में 7 लाख करोड़ रुपये निवेश करने का ऐलान किया है. इससे अगले कुछ साल में लाखों नौकरियां भी पैदा होंगी.
एनटीपीसी ने अगले कुछ साल में 7 लाख करोड़ रुपये निवेश की बात कही है. नई दिल्ली. एक सरकारी कंपनी ने अगले कुछ साल में 7 लाख करोड़ रुपये के निवेश का ऐलान किया है. कंपनी का कहना है कि इस निवेश से बड़ी संख्या में नौकरियां भी पैदा होंगी. बिजली के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी एनटीपीसी ने साल 2037 तक 244 गीगावाट की स्थापित क्षमता हासिल करने के लिए एक रूपरेखा तैयार की है. इसके लिए 7 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय की आवश्यकता होगी.
एनटीपीसी ने बताया कि कंपनी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) गुरदीप सिंह ने ऋणदाताओं की बैठक में कंपनी की वृद्धि और विस्तार योजनाओं को साझा किया. एनटीपीसी ने कहा कि उसकी 32 गीगावाट (एक गीगावाट बराबर 1,000 मेगावाट) क्षमता विभिन्न निर्माण चरणों में है. कंपनी ने साल 2032 तक 149 गीगावाट और साल 2037 तक 244 गीगावाट तक विस्तार करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है.
25 फीसदी डिमांड पूरी करती है कंपनी
कंपनी ने कहा कि इस योजना में लगभग 7 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय की जरूरत होगी. विद्युत मंत्रालय के अधीन आने वाली एनटीपीसी भारत की सबसे बड़ी बिजली उत्पादन कंपनी है. कंपनी पारंपरिक और हरित स्रोतों के माध्यम से देश की लगभग एक-चौथाई यानी 25 फीसदी बिजली की मांग को पूरा करती है. एनटीपीसी की समूह स्तर पर स्थापित क्षमता बुधवार को 85,000 मेगावाट को पार कर गई.
कब शुरू हुई थी कंपनी
देश की सबसे बड़ी थर्मल कंपनी एनटीपीसी की स्थापना 7 नवंबर, 1975 को हुई थी. शुरुआत में तो इसका सारा कारोबार कोयला आधारित चलता था, लेकिन बाद में यह रिन्यूवेबल एनर्जी पर भी फोकस कर रही है. अभी इसकी क्षमता करीब 85 गीगावाट है. देशभर में इसके 55 से अधिक पॉवर स्टेशन चल रहे हैं, जिसमें कोयला, गैस, हाइड्रो, सोलर और विंड से जुड़े प्रोजेक्ट भी चल रहे हैं. इसके अलावा कंपनी ज्वाइंट वेंचर और सब्सिडियरी के जरिये भी कई प्लांट चला रही है. कंपनी का प्लांट लोड फैक्टर यानी एक प्लांट से उत्पादन क्षमता का इस्तेमाल करीब 80 फीसदी है, जो राष्ट्रीय औसत से कहीं ज्यादा है.
कंपनी ने किया बिजनेस का विविधिकरण
एनटीपीसी के थर्मल पॉवर के साथ बिजनेस का बड़ा फोकस है. कंपनी ने अब रिन्यूएबल एनर्जी जैसे सोलर, विंड और हाइड्रो सेक्शन में जमकर निवेश किया है. साल 2032 तक कंपनी के रिन्यूएबल एनर्जी की क्षमता 60 गीगावॉट पहुंच जाएगी, जबकि कुल क्षमता 130 गीगावॉट पहुंच जाएगी. यह कंपनी अब महारत्न बन चुकी है और बिजली बनाने के साथ कोल माइनिंग, पॉवर ट्रेडिंग, कंसल्टेंसी, ग्रीन हाइड्रोजन और ई-मोबिलिटी में भी सक्रिय हो चुकी है.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें