कुल्लड़ का केसरिया दूध और गरमा-गरम जलेबी का जादू! 90 साल से अजमेर का दिल जीत रहा भूतिया हलवाई
Last Updated:
Ajmer Famous Bhutia Halwai Shop: अजमेर शहर में शाम होते ही कई हलवाइयों की कढ़ाई में दूध उबलता नजर आता है, लेकिन अलवर गेट क्षेत्र में स्थित भुतिया हलवाई की दुकान अपनी खास पहचान बनाए हुए है. यह दुकान सिर्फ दूध और जलेबी के लिए ही नहीं, बल्कि अपने स्वाद, गुणवत्ता और परंपरा के लिए भी जानी जाती है. 90 साल से ज्यादा पुरानी यह दुकान अपने गाढ़े, केसरिया दूध और गरमागरम जलेबी के लिए मशहूर है. कुल्लड़ में परोसा जाने वाला यह दूध लोगों के लिए खास अनुभव होता है.

सर्दी का मौसम शुरू होते ही अजमेर की गलियों में गर्म दूध और जलेबी की खुशबू फैलने लगती है. वैसे तो शहर में कई जगहों पर शाम के समय कढ़ाई में उबलता दूध ग्राहकों को आकर्षित करता है, लेकिन अजमेर के अलवर गेट क्षेत्र में स्थित भूतिया हलवाई की दुकान अपनी खास पहचान रखती है.

90 साल से भी अधिक पुरानी यह दुकान आज भी अपने पारंपरिक स्वाद और शुद्धता के लिए जानी जाती है. शाम ढलते ही भूतिया हलवाई की दुकान पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ती है. सर्द हवाओं के बीच यहां से उठती दूध की महक राह चलते लोगों को अपनी ओर खींच लेती है.

खास बात यह है कि अजमेर में कई परिवारों के लिए रात के भोजन के बाद भूतिया हलवाई का दूध पीना एक आदत बन चुका है. बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक, सभी को यहां का दूध बेहद पसंद आता है।दुकानदार बताते हैं कि उनके दूध की खासियत उसकी तैयारी में छिपी है. दूध को धीमी आंच पर लंबे समय तक उबाला जाता है, जिससे वह गाढ़ा और स्वादिष्ट बनता है.
Add News18 as
Preferred Source on Google

इसमें केसर, पिस्ता, बादाम और इलायची मिलाई जाती है, जो न सिर्फ दूध का स्वाद बढ़ाते हैं, बल्कि उसकी खुशबू को भी खास बना देते हैं. यही वजह है कि एक बार जो भी यहां का दूध पी लेता है, वह बार-बार आने का मन बनाता है.

दूध के साथ-साथ यहां की गरमागरम जलेबी भी लोगों की पसंदीदा है. कुरकुरी जलेबी और गर्म दूध का मेल सर्दी की शाम को और भी खास बना देता है. दुकान पर कुल्लड़ में परोसा जाने वाला दूध लोगों को पुराने दौर की याद दिलाता है, जब स्वाद के साथ-साथ मिट्टी की सौंधी खुशबू भी आनंद देती थी.

कीमत की बात करें तो यहां एक कुल्लड़ दूध की कीमत 60 रुपए है, जिसे लोग इसकी गुणवत्ता और स्वाद को देखते हुए जायज मानते हैं. भूतिया हलवाई की दुकान आज सिर्फ एक मिठाई या दूध की दुकान नहीं, बल्कि अजमेर की सांस्कृतिक पहचान बन चुकी है. सर्दियों की शाम में यहां पहुंचना, अजमेर आने वाले हर व्यक्ति के लिए एक यादगार अनुभव बन जाता है.