कोठे से फिल्मी अंदाज में बीवी को बचाया, ट्रेन से हो गई थी गायब, फिर यूं मिली, जानिए बहादुरी की वो अनकही दास्तां | real love story with a husband wife kidnapped sale brothel prostitutes live how rescue from kotha mumbai red light area
कहते हैं कि इश्क में बड़ी ताकत होती है. इश्क जब बहादुरी और समझदारी से मिल जाए तो यमराज के दरवाजे से भी अपनी मोहब्बत को वापस खींच लाता है. कहानी एक ऐसे पत्नी की, जिसकी शादी के कुछ ही दिन के कोठा पर पहुंचा दिया गया. पति बेंगलुरु के एक मल्टीनेशल कंपनी में काम कर रहा था. बेंगलुरु से मुंबई ऑफिस के किसी काम के सिलसिले में चला गया. लेकिन दो-तीन सप्ताह बाद ही पत्नी की याद आई और पत्नी को मुंबई आने के लिए ट्रेन का टिकट भेज दिया. लेकिन रास्ते में ही पत्नी ट्रेन से गायब हो गईं. पत्नी मुंबई तो जरूर पहुंची लेकिन पति के यहां नहीं बल्कि एक कोठे पर पहुंचं गई. साल 2011 की यह घटना टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी थी, जिसने पूरे देश को भावुक कर दिया था. एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करने वाला पढ़ा-लिखा नौजवान अपनी पत्नी के लिए उस रास्ते पर चल पड़ा जहां जाने की हिम्मत बड़े-बड़े सूरमा नहीं करते. पढ़िए एक पति-पत्नी की फिल्मी नहीं असली कहानी.
एक हसीन सफर जो दुस्वप्न बन गया
साहिल अपने काम के सिलसिले में मुंबई में था. नई-नई शादी हुई थी तो उसने अपनी पत्नी तानिया को भी मुंबई घूमने के लिए बुलाया. 7 अक्टूबर 2011 को तानिया बेंगलुरु से ट्रेन में सवार हुई. साहिल ने उसे ट्रेन में सवाल होने से पहले समझाया था कि अनजान लोगों से बात मत करना, उनके हाथ का कुछ खाना-पीना मत. लेकिन होनी को कुछ और मंजूर ही था. ट्रेन में सान्या के सामने वाले बर्थ पर दो लड़के थे, जो शुरुआत में अनजान थे लेकिन धीरे-धीरे तानिया को बहन बोलकर भरोसा जीत लिया.
ट्रेन में कैसे हुई दोस्ती
तान्या इस दौरान अपने पति साहिल से लगातार संपर्क में थी और बोलती थी कि अब इस स्टेशन पर आ गए हैं अब मात्रा इतना किलोमीटर ही दूरी बची है. तान्या के बगल में दोनों लड़के जब भी कुछ खाते वह उसे देने के लिए हाथ आगे बढ़ाते लेकिन वह नहीं लेती. लेकिन जब मंजिल सिर्फ 150 किलोमीटर दूर थी, तब उन लड़कों ने तानिया को चाय पिलाई. दोनों ने कहा है कि बहन जी अब मुंबई आने वाला ही चाय तो पी लीजिए. तान्या ने इस बार उनकी न कह सकी. उसने चाय पी ली. चाय में नशीला पदार्थ था. तानिया बेहोश हो गई. जब उसकी आंख खुली, तो वह ट्रेन में नहीं बल्कि एक गाड़ी में थी. विरोध करने पर एक लड़के ने जोरदार थप्पड़ मारा और मौत का खौफ दिखाया.
महज 45 हजार में बिका सुहाग
उन दोनों ने तानिया को मुंबई के एक बदनाम कोठे पर सुनीता पुजारी नाम की महिला को बेच दिया. कीमत लगी सिर्फ 45000 रुपये. इधर पति साहिल परेशान था कि आखिर उसकी पत्नी कहां चली गई? क्या ट्रेन से गिर गई या उसके साथ अनहोनी हो गई. वह घर, जहां खुशियां चहकती थीं, अचानक चीखों में बदल गया. इधर मुंबई के बदनाम कोठे पर तानिया को पीटा जाता, खाना नहीं दिया जाता और देह व्यापार के दलदल में धकेलने के लिए मानसिक तौर पर तोड़ा जाता था. तान्या की जिंदगी नरक हो गई थी. 15 दिनों तक वह नर्क की जिदंगी झेलती रही.
मसीहा बना एक अजनबी ग्राहक
15 दिन तक तान्या के साथ लगातार टॉर्चर होत रहा. 15 दिन वह लगातार मार खाती रही. बाकी जो वहां पर महिलाएं थीं वह प्रॉस्टिट्यूट का काम करती थीं. वो इससे कहती बहन अब यहां से जाने का कोई रास्ता है ही नहीं, यानी की तुम बच नहीं पाओगे. इसलिए जैसा ये कहते हैं वैसा करो. रोज-रोज की मारपीट इससे अच्छा है की अपना ये काम ज्यादा सही रहेगा. जब उस तान्या को ये समझाया जाता तो समझाने के बाद आखिरकार वो तैयार हो जाती है.
तवायफ बनने की दिशा में पहला कदम
अब तान्या भी बाकी लड़कियों की कम कपड़े पहन के बन-ठनकर तैयार हो गई. कोठे पर जब कोई ग्राहक आता है तो कस्टमर को पहले दिखाया जाता है की भाई हमारे पास ये लड़कियां हैं. ग्राहक उनमें से किसी को पसंद करता है और फिर दोनों कमरे में चले जाते हैं. तानिया को भी उसका पहला ग्राहक पसंद किया. तान्या ग्राहक के साथ जैसे ही कमरे में आया वह उसके पैरों में गिर गई और अपनी पूरी कहानी उसे सुनाई. लड़के के मन में कई सवाल उठे. उस लड़की के आंसू पर का इतना असर पड़ा कि उसने कहा ठीक है, मैं तुम्हारे लिए क्या कर सकता हूं? तान्या ने बोला मेरे पति से एक बार बात करा दो तो? तान्या को पति का नंबर याद था. किस्मत से उस शख्स के सीने में दिल था. उसने जोखिम उठाया और साहिल को फोन मिलवा दिया. 15 दिनों बाद अपनी बीवी की आवाज सुनकर काफी खुश हुआ.
पति से कोठे पर ऐसे हुई मुलाकात
15-16 दिन बाद पति और पत्नी ने एक-दूसरे की आवाज सुनी. पति साहिल को यकीन नहीं हो रहा था. उसे लगा था कहीं मर गई, देखे क्या हुआ क्या नहीं तब उसे लगा की चलो ठीक है कहां पे हो? बोली मुझे पता नहीं ट्रेन में दोनों लड़कों मैंने अपने बारे में पूरी कहानी बता थी. उसका पति बोला कि अगर पुलिस के पास जाऊंगा तो इसकी जानकारी मिलने पर इसको या तो मार देंगे या गायब करा देंगे. इसलिए कुछ अलग से दिमाग लगाया. उसने उस लड़के से कहा कि भाई एड्रेस क्या है? उसने कहा है कि तुमको जितना पैसा चाहिए मैं दे दूंगा लेकिन उस लड़की को कुछ मत करना. इसके साथ तो जो कस्टमर आया था वो बेचारा बिना कुछ करे वहां से चला गया और उसके पति को एड्रेस दे दिया.
क्लाइमेक्स जब साहिल बना ग्राहक
साहिल उसी अंधेरी गली में अगले दिन ग्राहक बनकर पहुंच गया. साहिल ने कई लड़कियों को रिजेक्ट किया तो कोठेवाली ने कहा कि उस लड़की को भेजो. सुनीता पुजारी ने झुंझलाकर तानिया को भेज दिया. तानिया को देखते हुए साहिल चौंक गया लेकिन उसने अपने पर संयम रखा. तान्या भी अपने भावनाओं पर लगाम रखा. दोनों कमरे में गए और कमरे का दरवाजा बंद होते ही पति को देखकर तानिया फफक-फफक कर रो पड़ी और दोनों एक दूसरे को बाहों में भर लिया. अब साहिल के सामने चुनौती थी कि वह तान्या को यहां से कैसे बाहर निकालें. अगर वह अकेले कुछ करता है तो उसको भी मार देंगे. साहिल ने धैर्य रखा. उसने वहीं से उस थाने को फोन किया जहां उसने पत्नी की गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाई थी.
पुलिस ने कुछ ही घंटे में वहां पर छापा मारा और तानिया सहित कई अन्य लड़कियों को उस नर्क से आजाद कराया. कोठे की मालकिन सुनीता पुजारी और उसकी सहयोगी रमीदा शेख और ट्रेन में मिले उन दरिंदों को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया. अक्सर ऐसे मामलों के बाद समाज और परिवार महिला को अपनाने में कतराते हैं, लेकिन साहिल ने मिसाल पेश की. उसने तानिया को सिर आंखों पर बिठाया और उसे वही सम्मान दिया जिसकी वह हकदार थी. टाइम्स ऑफ इंडिया में जब यह खबर छपी तो साहिल ने सिर्फ एक शर्त रखी कि उनकी पहचान छिपाई जाए ताकि वे एक सामान्य जिंदगी जी सकें. यह कहानी सिर्फ एक अपराध की नहीं, बल्कि एक पति के अटूट विश्वास और साहस की है.