lucknow weather, lucknow temperature, india vs south africa: चीन के ये 6 सीक्रेट लागू हो जाएं तो कभी रोकना न पड़े क्रिकेट मैच
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दिल्ली से लेकर लखनऊ तक प्रदूषण और भीषण कोहरे की चपेट में है. लखनऊ में तो धुंध और कोहरे की वजह से भारत-साउथ अफ्रीका मैच रद्द हो गया. इन सबके बीच चीन की राजदूत ने वो 6 सीक्रेट शेयर किए हैं, जिनकी बदाैलत चीन ने बीजिंग में प्रदूषण को पूरी तरह खत्म कर दिया. ये टिप्स दिल्ली के काफी काम आ सकते हैं.
लखनऊ में कुछ इस तरह प्रदूषण की वजह से हालत हो गई है.लखनऊ में प्रदूषण और घने कोहरे की वजह से भारत साउथ अफ्रीका के बीच टी20 मुकाबला रद्द करना पड़ा. इस पर शशि थरूर ने भी चिंता जताई . लिखा-411 AQI और स्मॉग खतरनाक, इससे अच्छा तो तिरुवनंतपुरम में करा लेते, जहां AQI सिर्फ 68 है. देश की राजधानी दिल्ली भी गैस चैंबर बनी हुई है और सांस लेना दूभर हो गया है. ऐसे वक्त में चीन ने अपना सीक्रेट शेयर किया है, जिससे उसने अपनी राजधानी बीजिंग की हवा साफ की थी. एक समय था जब बीजिंग भी दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में गिना जाता था, लेकिन आज वहां नीला आसमान दिखता है. दिल्ली में चीनी दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने सोशल मीडिया पर बीजिंग की सफलता की कहानी शेयर करते हुए एक स्टेप-बाय-स्टेप गाइड पेश की है. बताया कि कैसे बीजिंग ने प्रदूषण को हराया.
चीन के वो 6 सुझाव जो दिल्ली के काम आ सकते हैं
प्रवक्ता यू जिंग ने वाहनों से होने वाले प्रदूषण से निपटने के लिए बीजिंग द्वारा उठाए गए 6 प्रमुख कदमों का जिक्र किया है, जो दिल्ली के लिए एक केस स्टडी हो सकते हैं.
- China 6N मानक: उत्सर्जन के लिए बेहद सख्त चाइना 6N (China 6N) मानक लागू किए जाएं. यह भारत के BS-VI से भी कड़े हो सकते हैं.
- पुरानी गाड़ियों की विदाई: ज्यादा धुआं छोड़ने वाले और पुराने वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध और उन्हें सड़कों से हटाने यानी फेज आउट करने की नीति.
- कारों की राशनिंग: शहर में चलने वाली कारों की संख्या को नियंत्रित करना. इसके लिए लॉटरी सिस्टम या ऑड-ईवन जैसे कड़े नियम लागू करना.
- पब्लिक ट्रांसपोर्ट: मेट्रो और बसों के नेटवर्क को इतना मजबूत करना कि लोग निजी गाड़ियां छोड़ दें.
- इलेक्ट्रिक क्रांति: इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की संख्या बढ़ाने के लिए भारी सब्सिडी, टैक्स में छूट और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का जाल बिछाना.
- पड़ोसियों का साथ: बीजिंग अकेले नहीं, बल्कि अपने पड़ोसी क्षेत्रों (तियानजिन और हेबेई) के साथ मिलकर प्रदूषण कंट्रोल मॉडल पर काम करता है. दिल्ली को भी NCR के राज्यों के साथ ऐसा ही करना होगा.
गेम चेंजर बना 3000 फैक्ट्रियों पर ताला
बीजिंग की हवा साफ करने में सबसे बड़ा योगदान ‘फेज 2’ यानी इंडस्ट्रियल रीस्ट्रक्चरिंग का रहा है. चीनी दूतावास ने बताया कि यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन इसके नतीजे चौंकाने वाले रहे. बीजिंग ने शहर के भीतर मौजूद 3,000 से अधिक हैवी इंडस्ट्रीज को या तो हमेशा के लिए बंद कर दिया या उन्हें शहर से बाहर कर दिया. चीन की सबसे बड़ी इस्पात कंपनियों में से एक शोउगांग को बीजिंग से बाहर भेजा गया. अकेले इस एक फैसले से हवा में मौजूद जानलेवा कणों में लगभग 20% की कमी दर्ज की गई.
How did Beijing tackle air pollution? 🌏💨
Step 1: Vehicle emissions control 🚗⚡
🔹 Adopt ultra-strict regulations like China 6NI (on par with Euro 6)
🔹 Phase-out retired old, high-emission vehicles
🔹 Curb car growth via license-plate lotteries and odd-even / weekday driving… pic.twitter.com/E0cFp4wgsV