पाकिस्तान में ताबड़तोड़ देखी जा रही ‘धुरंधर’, इमेज सुधारने के लिए सरकार बनाएगी ये फिल्म, 26 जनवरी को होगी रिलीज
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आदित्य धर के डायरेक्शन में बनी ‘धुरंधर’ ने पाकिस्तानी फिल्म इंडस्ट्री और कूटनीति दोनों में हलचल मचा दी है. पाकिस्तान में फिल्म पर पूरी तरह से आधिकारिक प्रतिबंध है फिर भी लोगों के बीच पसंद की जा रही है. फिल्म को एंटी-पाकिस्तान रुख के चलते सिनेमाघरों में दिखाने से रोक दिया गया है, लेकिन सीमा पार करोड़ों लोग इसे देख रहे हैं. लयारी की अच्छी इमेज दिखाने के लिए पाकिस्तान सरकार ने ‘धुरंधर’ के जवाब में फिल्म बनाने का ऐलान किया है.

पाकिस्तानी सोशल मीडिया पर ‘धुरंधर’ की क्लिप्स वायरल हो रही हैं. इंटरनेट पर भारी मात्रा में टोरेंट्स और पाइरेसी लिंक आ गए हैं, और पाकिस्तान के डार्क वेब एक्सपर्ट्स श्रीलंका, नेपाल और मलेशिया के सर्वर के जरिए हाई-ट्रैफिक लिंक एक्सेस या जनरेट कर रहे हैं.

रणवीर सिंह, अक्षय खन्ना, संजय दत्त, आर माधवन, सारा अर्जुन और अर्जुन रामपाल स्टारर ‘धुरंधर’ कम रेजोल्यूशन वाले कैम-प्रिंट्स के रूप में कई प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध है, जिनमें चीनी होस्टिंग वेबसाइट्स भी शामिल हैं. हालांकि, दर्शकों की दिलचस्पी सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं है.

कथित तौर पर ISI और ISPR से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स ‘धुरंधर’ के मिनी-क्लिप्स का इस्तेमाल भारतीय नैरेटिव का मजाक उड़ाने के लिए कर रहे हैं. डिजिटल वॉरफेयर फिफ्थ जनरेशन में फिल्म के कंटेंट को लोकस प्रचार के लिए तोड़ा-मरोड़ा जा रहा है. लेकिन विडंबना यह है कि जिस सत्ता ने फिल्म पर प्रतिबंध लगाया, वही अब इसकी सामग्री में गहराई से उलझी हुई है.
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टिकटॉक और इंस्टाग्राम पर पाकिस्तानी यूजर्स रील्स और पैरोडी बना रहे हैं. ‘धुरंधर’ में कराची के लयारी इलाके को आतंकी युद्ध क्षेत्र के रूप में दिखाए जाने से पाकिस्तान की राजनीति और मीडिया में हलचल मच गई है. फिल्म में राजनीतिक इमेजरी, जैसे पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के झंडे और दिवंगत बेनजीर भुट्टो की तस्वीरों के इस्तेमाल ने बड़ा कूटनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है.

पीपीपी कार्यकर्ता मोहम्मद आमिर ने कराची कोर्ट में फिल्म की कास्ट और क्रू के खिलाफ एफआईआर की मांग करते हुए कानूनी चुनौती दी है, जिसमें भुट्टो को बदनाम करने और उनकी पार्टी को आतंकवाद से जोड़ने का आरोप लगाया गया है.

‘धुरंधर’ में रणवीर सिंह ने हमजा नामक भारतीय जासूस की भूमिका निभाई है, जो पाकिस्तान के लयारी में घुसकर आईएसआई समर्थित आतंकी नेटवर्क को खत्म करता है. सिंध के सूचना मंत्री शरजील इनाम मेमन समेत पाकिस्तान के कई सीनियर नेता ने ‘धुरंधर’ को पाकिस्तान की इमेज करने वाला बताया और इसकी आलोचना की है. उनका कहना है कि फिल्म लयारी की गैंगवार और हिंसा पर ही केंद्रित है, जबकि उसकी समृद्ध संस्कृति और जुझारूपन को नजरअंदाज किया गया है.

‘धुरंधर’ इफेक्ट के जवाब में सिंध सरकार ने अपनी फीचर फिल्म ‘मेरा लयारी’ बनाने का ऐलान किया है, जो जनवरी 2026 में रिलीज होगी. अबू अलीहा द्वारा निर्देशित यह फिल्म लयारी की असली कहानी दिखाएगी, जिसमें शांति, समृद्धि और मशहूर फुटबॉलर्स व बॉक्सर्स के जन्मस्थान के रूप में लयारी को पेश किया जाएगा.

लयारी पर सकारात्मक फिल्में बनाकर पाकिस्तानी सत्ता बॉलीवुड से नैरेटिव वापस लेना चाहती है. लेकिन फिलहाल, ‘धुरंधर’ के पाइरेटेड क्लिप्स पाकिस्तान भर में स्क्रीन पर छाए हुए हैं, जिससे साबित होता है कि डिजिटल युग में प्रतिबंध अक्सर देखने का न्यौता बन जाता है.