उधर PM मोदी इथियोपिया संग कर रहे थे डील, उधर कोसों दूर किससे मिल रहे थे जयशंकर? क्या खिचड़ी पकी
पीएम मोदी अभी तीन देशों की यात्रा पर हैं. ओमान, जॉर्डन और इथियोपिया. कोई छोटा देश हो या बड़ा, प्रधानमंत्री मोदी हर देश को महत्व देते हैं. यही उनकी डिप्लोमेसी की खासियत है. भारत का हर देश से संबंध बेहतर हो, यह कोशिश रही है. यही कारण है कि पीएम मोदी की ग्लोबल डिप्लोमेसी की धमक दुनियाभर में दिखाई देती है. पीएम मोदी ओमान और जॉर्डन की यात्रा कंप्लीट कर चुके हैं. मंगलवार को इथियोपिया के साथ कई अहम समझौते हुए. पीएम मोदी जब इथियोपिया के साथ भारत के संबंध की एक नई इबारत लिख रहे थे, तब हजारों किलोमीटर दूर उनके अहम दूत यानी भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर भी भारत की डिप्लोमेसी का डंका बजा रहे थे. जी हां, पीएम मोदी इधर इथियोपिया में थे, तो जयशंकर यरुशलम में भारत-इजरायल की दोस्ती को मजबूत कर रहे थे.
इजरायल में जयशंकर की डिप्लोमेसी
जब पीएम मोदी इथियोपिया में संबंधों को मजबूत कर रहे थे, तब हजारों किलोमीटर दूर इजरायल में एस जयशंकर बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात कर भारत की डिप्लोमेसी को एक नई धार दे रहे थे. मंगलवार को ही इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने यरुशलम स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात की. इस दौरान बेंजामिन नेतन्याहू और जयशंकर के बीच टेक्नोलॉजी, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई. जयशंकर ने पीएम मोदी की ओर से शुभकामनाएं भी दी.
जयशंकर ने इस मुलकाात पर क्या कहा?
एस जयशंकर ने बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की सारी बातों का खुलासा कर दिया. जयशंकर ने कहा कि पीएम नेतनयाहू से प्रौद्योगिकी, अर्थव्यवस्था, कौशल एवं प्रतिभा, संपर्क और सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि जेरूसलम में इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहूसे मुलाकात का अवसर मिला, इसके लिए गहरी सराहना करता हूं. प्रधानमंत्री मोदी की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं दी. क्षेत्रीय एवं वैश्विक घटनाक्रमों पर उनके विचारों को भी महत्व दिया. हमें विश्वास है कि हमारी रणनीतिक साझेदारी निरंतर और अधिक सशक्त होती जाएगी.
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात कीइथियोपिया में पीएम मोदी
उधर पीएम मोदी ने इथियोपिया से संबंध को सुदृढ़ करने के लिए तीन अहम सुझाव दिए. उन्होंने इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली के साथ विस्तृत चर्चा की. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि हमने भारत–इथियोपिया संबंधों को ‘रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक बढ़ाने का निर्णय लिया है. इतना ही नहीं, भारत-इथियोपिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और सुदृढ़ करने के लिए तीन प्रमुख सुझाव प्रस्तुत किए.
भारत और इथियोपिया के बीच 8 समझौते पर हस्ताक्षर, संबंधों को रणनीतिक साझेदारी में बदला गया
भारत-इथियोपिया के बीच संबंध मजबूत करने के लिए मोदी मंत्र
1. खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य सुरक्षा में सहयोग को गहरा करना.
इसमें सतत कृषि, प्राकृतिक खेती और कृषि-प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग शामिल है.
2. क्षमता निर्माण को सशक्त बनाना
आज हमने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) में नए कार्यक्रम शुरू करने और छात्रवृत्तियों की संख्या दोगुनी करने का निर्णय लिया है. इससे अधिक संख्या में इथियोपियाई छात्रों को भारत में उच्च शिक्षा के अवसर मिलेंगे और युवाओं के बीच संपर्क (युवा-से-युवा सहभागिता) मजबूत होगा.
3. डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर व्यापक रूप से कार्य करना.
भारत और इथियोपिया के बीच 8 समझौते पर हस्ताक्षर, संबंधों को रणनीतिक साझेदारी में बदला गया
- भारत–इथियोपिया द्विपक्षीय संबंधों को ‘रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक उन्नत किया गया.
- कस्टम मामलों में सहयोग और पारस्परिक प्रशासनिक सहायता पर समझौता.
- इथियोपिया के विदेश मंत्रालय में डेटा सेंटर की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन (MoU).
- संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना अभियानों के प्रशिक्षण में सहयोग हेतु कार्यान्वयन व्यवस्था पर सहमति.
- G20 कॉमन फ्रेमवर्क के तहत इथियोपिया के लिए ऋण पुनर्संरचना संबंधी समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर.
- ICCR छात्रवृत्ति कार्यक्रम के अंतर्गत इथियोपियाई छात्रों के लिए छात्रवृत्तियों की संख्या दोगुनी की गई.
- ITEC कार्यक्रम के तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में इथियोपिया के छात्रों और पेशेवरों के लिए विशेष अल्पकालिक पाठ्यक्रम.
- भारत द्वारा अदीस अबाबा स्थित महात्मा गांधी अस्पताल की क्षमता बढ़ाने में सहयो-विशेषकर मातृ स्वास्थ्य और नवजात देखभाल के क्षेत्रों में.